कांग्रेस सरकार में सस्ता हुआ रेता अब महंगा हो गया है। नतीजा यह है कि घर बनाना तक मुश्किल हो गया है। रेत के दाम बढ़ाने का कोई सरकारी एलान नहीं हुआ है। यही कारण है कि अब जिला प्रशासन भी अचानक बढ़े दाम की जांच करवाने जा रहा है। एक माह पहले तक रेत का ट्रक 12500 हजार में मिलता था, अब यही 20000 तक बिक रहा है।
बताया जा रहा है कि इन दिनों लुधियाना में रेत के कई खड्ड बंद हैं। सिर्फ एक ही खड्ड से रेत निकाला जा रहा है। एक खड्ड से रेत आने की वजह से ट्रकों की लंबी कतारें लग रही हैं। ट्रकों की बारी कई दिन बाद आ रही है। बताया जा रहा है कि इसी वजह से ट्रक मालिकों को बहाने मिल रहे हैं और वह महंगी रेत बेच रहे हैं। इसी वजह से टिप्पर मालिकों ने रेत का रेट बढ़ा दिया है।
रेत माफिया व बढ़े दाम पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव से तीन माह पहले रेत सस्ता कर दिया था। उस समय रेत का ट्रक 12500 में आ रहा था। एक ट्रक में करीब 1000 फुट रेत होती है। रेट का मुद्दा इस बार और पिछले विधानसभा चुनाव में भी बड़ा था। रेत के सस्ते होने से शहर में निर्माण कार्य तेज हुआ था।
आम आदमी पार्टी के दावे हवा हवाई होने लगे साबित
भारतीय जनता पार्टी के नेता व पार्षद रहे इंदर अग्रवाल ने बताया कि आम आदमी पार्टी जो लोगों को बड़े-बड़े सपने दिखा रही थी। वह हवा हवाई साबित होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में रेत महंगा आ रहा है। 12500 का ट्रक अब 19000 में मिल रहा है। यह लोग सरकार ठीक तरह से नहीं चला पा रहे हैं।
मामले की हो जांच
अकाली दल के पूर्व मंत्री महेश इंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोगों को झूठे सपने दिखा कर सरकार बना ली है। उनके पास कोई विजन नहीं है। जो रेत का ट्रक करीब 12500 हजार में मिलता था। वह 20000 का आंकड़ा पार कर गया है। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए।
एसडीएम की ड्यूटी लगा कर चेक करवाते हैं रेट क्यों बढ़े: सिद्धू
आत्मनगर विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने बताया कि रेट बढ़ने की जानकारी उन्हें भी नहीं है। वह एसडीएम से बात कर मामले की जांच कराएंगे की रेत क्यों महंगा हुआ है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश में है और लोगों को अच्छा शासन देना सरकार का काम है। इसमें कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
उधर, डीसी विरेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी खड्ड चालू हैं। बढ़े दामों की जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि एक खड्ड से रेत पांच रुपये फुट निकाली जा रही है। जब रेत मार्केट में आती है तो उसमें लेबर, ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्च शामिल होते हैं। इससे रेट बढ़ जरूर जाता है। उन्होंने कहा कि रेता पहले 18 रुपये क्यूबिक फीट बिकता था फिर भी इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
मार्च में रेत का रेट
- 100 फुट रेत की ट्राली 1250 से 1350 में
- 1000 फुट रेत का ट्रक 12500 से 13500 में
अप्रैल में
- 100 फुट रेत की ट्राली 2800 से 3000 में
- 1000 फुट रेत का ट्रक 19000 से 20 हजार में