ली काबुर्जिए के उत्कृष्ट वास्तुशिल्प का नमूना देखना हो तो सेक्टर एक में स्थित कैपिटल कांप्लेक्स में आपका स्वागत है।
कैपिटल कांप्लेक्स के निर्माण को देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाता है।
यहां पंजाब और हरियाणा दोनों सरकार की सीट है। इससे चंडीगढ़ के नियोजित शहर होने की भी झलक मिलती है।
कैपिटल कांप्लेक्स में पंजाब और हरियाणा के प्रशासनिक भवन हैं। इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट, सचिवालय और विधानसभा आता है।
यह कांप्लेक्स समकालीन वास्तुशिल्प का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां का ओपन हैंड स्मारक कला का उत्तम नमूना है। ओपन हैंड चंडीगढ़ का प्रतीक है।
शहर के कैपिटल कांप्लेक्स में आने वाले पर्यटकों को प्रशासन से परमिट लेना पड़ता है। अब प्रशासन कैपिटल कांप्लेक्स के पास ही टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर बना रहा है।
इससे पर्यटकों को फायदा होगा साथ ही यहां से कैपिटल कांप्लेक्स में जाने के लिए परमिट भी लिया जा सकेगा।
चंडीगढ़ को बसाने वाले फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने बेहतर गवर्नेंस को ध्यान में रखकर कैपिटल कांप्लेक्स को डिजाइन किया था।
यहीं पर कार्बूजिए गवर्नर पैलेस भी बनवाना चाहते थे। गवर्नर पैलेस का मॉडल भी तैयार हुआ, लेकिन पैलेस विवादों में घिर गया।
इसके बाद कार्बूजिए ने पैलेस की जगह म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने का फैसला लिया। अब प्रशासन ने कैपिटल कांप्लेक्स में
म्यूजियम ऑफ नॉलेज बनाने की कवायद को नए सिरे से शुरू किया है। म्यूजियम में सेमिनार रूम के साथ-साथ शोध की तमाम सुविधाएं होंगी।
म्यूजियम में प्रदर्शनियों के लिए भी खासतौर पर इंतजाम होगा। म्यूजियम में डिजीटल लाइब्रेरी, सीडी कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाएं होंगी।
यहां राज्यस्तरीय समारोह के लिए बैंक्वेट हॉल भी बनेगा। इसके अलावा कैपिटल कांप्लेक्स में शहीदों की याद में एक मेमोरियल भी बनेगा। कार्बूजिए ने इसका डिजाइन भी तैयार किया था।