मोहाली सिविल अस्पताल के आठ डॉक्टर खुद बिस्तर पर हैं, इसके बावजूद वे कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे हुए हैं। जी हां, मोहाली सिविल अस्पताल के संक्रमित हो चुके डॉक्टर्स भी कोरोना के खिलाफ जंग में पीछे नहीं हैं। ये डॉक्टर होम आइसोलेट संक्रमितों की वर्चुअल मॉनीटरिंग के साथ-साथ उन्हें दवाएं व अन्य जरूरी हिदायतें उपलब्ध करवा रहे हैं।
मोहाली में कोरोना की दस्तक को सात महीने होने वाले हैं। इस दौरान सेहत विभाग के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य सेहत कर्मी दिन-रात कोरोना के खिलाफ जंग जारी रखे हुए हैं। इस जंग में अग्रिम मोर्चे पर डटे डॉक्टर भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
हालात यह हैं कि इस समय मोहाली सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे करीब 15 मुख्य डॉक्टरों में से आठ खुद कोरोना संक्रमण का शिकार हैं। नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सैंपलिंग स्टाफ व अन्य स्टाफ में से भी करीब 30 कर्मचारी संक्रमित हैं। कोरोना संक्रमण के शिकार सिविल अस्पताल के आठ डॉक्टरों को होम आइसोलेट किया गया है।
बखूबी निभा रहे जिम्मेदारी
सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज में सात महीने से जुटे डॉ. भूषण अपने साथियों के बारे में बताते हैं कि खुद बेड पर होने के बावजूद ये डॉक्टर्स अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। इन डॉक्टर्स के जिम्मे उन कोरोना संक्रमितों का इलाज है, जो लेवल वन के मरीज हैं और घरों में ही आइसोलेट किया गया है।
ऐसे मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। इन सभी मरीजों की दिन में दो से तीन बार मॉनीटरिंग होती है। उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुनना, उनका हल करना, जरूरत के मुताबिक दवाएं देना और उनका मनोबल बनाए रखना, ये सब काम खुद संक्रमण का शिकार हो चुके डॉक्टर्स अपने होम आइसोलेशन के दौरान कर रहे हैं।
कोरोना के खिलाफ जंग जारी है
हमारे डॉक्टर्स संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन के दौरान लोगों को वर्चुअल इलाज की सुविधा दे रहे हैं। ऐसे में सेहत विभाग को कोरोना के खिलाफ जंग में कोई समस्या नहीं आई। हम पहले से ही थ्री लेयर रणनीति व टीमें बनाकर काम कर रहे हैं। संक्रमित होने वाले डॉक्टर्स ने भी काम करना बंद नहीं किया, सिर्फ काम करने का ढंग ही बदला है। जल्द ही ये सभी स्वस्थ होकर काम पर लौट आएंगे।
- डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन मोहाली