फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटी चलाएगी बस, गांव में नहीं थी सुविधा तो खुद ही थाम लिया स्टेयरिंग

Fri, 08 Jul 2016 06:21 PM IST
हनी सोनी/अमर उजाला, चरखी दादरी।
विज्ञापन
रोडवेज बस का स्टेरिंग थामे प्रियंका।
विज्ञापन
गांव के अड्डे पर बस न रुकना क्षेत्र की एक बेटी को इतना नागवार गुजरा कि उसने खुद ही चालक बनने की ठान ली। इसके बाद तो चरखी दादरी डिपो के ट्रेनिंग सेंटर में उसने दाखिला भी ले लिया।
विज्ञापन


करीब डेढ़ माह की ट्रेनिंग के बाद मेहनत रंग लाई तो अधिकारी भी उसके लगन और कुशलता के कायल हो गए। उसे सर्वोच्च चालक के खिताब से भी नवाजा गया। फिलहाल इस बेटी को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट की ओर से चालक बनने का ऑफर मिला है।  

गांव खेड़ी बूरा निवासी प्रियंका (24) अब सड़कों पर रोडवेज बसों को दौड़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अपने मामा शमशेर सिंह के हंसी-मजाक में दिए गए सुझाव को गंभीरता से लेने वाली प्रियंका के चालक बनने की कहानी भी खास दिलचस्प है। हुआ यूं कि गांव से चरखी दादरी के संस्थान में प्रियंका नर्सिंग का कोर्स करने आती थीं।
विज्ञापन

 
Trending Videos

इस तरह प्रियंका के सिर पर चालक बनने का जुनून सवार हुअा

प्रियंका, मह‌िला बस चालक
कॉलेज से आते-जाते समय गांव के अड्डे पर रोडवेज चालक बस नहीं रोकते थे, मजबूरी में उन्हें दुपहिया या अन्य वाहन चालकों से लिफ्ट मांगकर आना-जाना पड़ता था। रोडवेज ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दे रहे अपने मामा से प्रियंका ने चालकों के इस रवैये की शिकायत की। तो वे हंस पड़े और मजाक में ही बोल दिया कि खुद चालक बन और फिर छोटे अड्डों पर बस रोक कर दिखाना। इसके बाद तो प्रियंका के सिर पर चालक बनने का ही जुनून सवार हो गया।

मामा के साथ हुई वार्ता के महज कुछ दिन बाद ही चरखी दादरी डिपो के ट्रेनिंग सेंटर में दाखिला ले लिया। करीब डेढ़ माह की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जब अधिकारियों ने 300 अभ्यर्थियों का टेस्ट लिया तो प्रियंका की ड्राइविंग के कायल होकर उसे बैच के सर्वोच्च चालक का खिताब से नवाज दिया। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट में बतौर चालक भर्ती होने का ऑफर प्रियंका महज तीन-चार दिन पहले ही मिला है। फिलहाल वहां ज्वाइन करे या नहीं, इस पर भी परिजनों से वह विचार-विमर्श कर रही हैं।
विज्ञापन

हरियाणा सरकार से की भर्ती करने की मांग

हरियाणा रोडवेज बस - फोटो : ‌file photo
अमर उजाला से बातचीत में प्रियंका के मामा शमशेर सिंह ने बताया कि परिवार वालों के मन में प्रियंका को ज्वाइन करवाने को लेकर एकमात्र हिचकिचाहट उसके रिश्ते को लेकर है। इस लाइन में आने पर कहीं रिश्ते में अड़चन न आए इस पर मंथन चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रियंका की मां चंडीगढ़ ज्वाइन करने के बाद खुद उसके साथ वहां जाकर रहने को तैयार है। 

अपनी रफ्तार व जानदार ड्राइवरी के लिए जानी जाने वाली रोडवेज बस को दौड़ाने में माहिर प्रियंका ने सूबे की खट्टर सरकार से मांग की है जल्द ही महिला चालक के लिए भी भर्ती की जाएं। इसे जहां कॉलेजों के लगाई गई महिला बसों में छात्राओं को वातावरण और बेहतर मिलेगा तो वहीं बेटियों के आगे बढ़ने का भी रास्ता खुलेगा। प्रियंका का कहना है कि हरियाणा रोडवेज की बस चलाना ही उसका सपना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें