अनाज की ढुलाई में पारदर्शिता के लिए बनी नीति
पंजाब कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य में अनाज की ढुलाई के लिए 'पंजाब खाद्यान्न परिवहन नीति 2023' और अनाज की लेबर व कारटेज के लिए 'पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज पालिसी 2023' को मंजूरी दे दी। सरकार का दावा है कि इससे अनाज की ढुलाई और उससे जुड़े कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
गौरतलब है कि गोदामों से अनाज की ढुलाई और उनकी पैकिंग संबंधी कार्यों में धांधली के कई मामले सामने आए हैं, जिनकी जांच का काम अभी जारी है। पंजाब सरकार अपनी स्टेट खरीद एजेंसियों और एफसीआई के जरिए विभिन्न मनोनीत केंद्रों व मंडियों से अनाज की खरीद करती है। उक्त दोनों पॉलिसी के लागू होने पर साल 2023 के दौरान अनाज की ढुलाई, अनाज की लेबर व कारटेज का काम पारदर्शी ऑनलाइन टेंडर प्रणाली द्वारा अलॉट किया जाएगा।
मंडियों के मजदूरी की बढ़ेगी दिहाड़ी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि एफसीआई को मंडियों में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी 25 प्रतिशत बढ़ाने की बात भी कही गई थी लेकिन एफसीआई ने 20 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी की बात मानी। ऐसे में पंजाब कैबिनेट में फैसला लिया है कि बाकी 5 प्रतिशत पंजाब सरकार की ओर से दिया जाएगा। इससे पंजाब सरकार के खजाने पर 7 से 8 करोड़ का असर पड़ेगा।
सीएलयू के साथ ही मिलेगी ले-आउट व कालोनी लाइसेंस की आज्ञा
रियल इस्टेट सेक्टर के लिए कैबिनेट ने 45 दिन के भीतर जमीन के इस्तेमाल में तब्दीली (सीएलयू) जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मंजूरी दे दी है। पंजाब में जमीन के किसी भी हिस्से पर कोई भी निर्माण या कार्य शुरू करने के लिए सीएलयू की मंजूरी अनिवार्य है। इसके बाद ही संबंधित गतिविधि के लिए ले-आउट प्लान, बिल्डिंग प्लान और कालोनी को लाइसेंस की इजाजत दी जाती है। इस सारी प्रक्रिया में कई बार छह महीनों से अधिक समय लग जाता है, जिसके कारण प्रोजेक्ट में अनावश्यक देरी होती है लेकिन अब सीएलयू, ले-आउट प्लान/ बिल्डिंग प्लान और कालोनी को लाइसेंस की इजाजत एक ही समय दी जाएगी।