मध्यप्रदेश में जज बनी मानसी ने कहा कि जज बनकर उनकी प्राथमिकता रहेगी की न्यायालयों में चल रहे तलाक, परिवार के झगड़ों के मामलों को आपसी सहमती से सुलह करवाया जाए। मनसी ने कहा कि परिवार बसना बहुत मुश्किल होता है, जबकि उसको उजाड़ना बहुत आसान है। महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में कमी लाने के लिए अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना जरूरी है।
हरियाणा की परीक्षा में लग गए थे स्टे, छत्तीसगढ़ में नाम वेटिंग लिस्ट में डाला
मध्यप्रदेश में जज बनी मानसी ने बताया कि उन्होंने पहले हरियाणा में न्यायिक सेवा परीक्षा दी थी लेकिन 107 परीक्षार्थियों में से छह को ही जज बनने का मौका मिला, जो बाद में स्टे भी हो गया। उसके बाद उन्होंने 2018 में पंजाब, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान व मध्य प्रदेश की न्यायिक परीक्षाएं दी। इन परीक्षाओं के लिए उन्हें सिर्फ चार घंटे ही सोने के लिए मिलता था।
अधिक पढ़ाई करने के साथ ही कोचिंग भी ली। जिसके बाद 21 अगस्त को हुई मध्य प्रदेश की परीक्षा को पास कर जज बनने का सौभाग्य मिला। सन् 2018 में छत्तीसगढ़ के लिए न्यायिक सेवा परीक्षा दी, जिसमें उसका नाम वेटिंग में डाल दिया गया था। मानसी ने बताया कि एक साल की ट्रेनिंग लेने के बाद ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास का पद दिया जाएगा।
मानसी है किचन की शौकीन : मां
मानसी की मां रेनू बालूजा ने कहा कि मानसी किचन की शौकीन है। वह उनका पूरा साथ देती है। मानसी को पढ़ाई से साथ-साथ पूजा पाठ व सेवाभाव के कार्य करना बहुत पसंद है। जज बनी मानसी ने अपनी सफलता के पीछे अपने परिवार को बताया।