आप बाइक पर बैठने के लिए कैसे तैयार होते हैं? आमतौर पर सिर्फ इतना करते हैं घर से तैयार हुए, हेलमेट लगाया, बाइक में चाभी लगाई, सेल्फ दबाया या किक लगाई और निकल पड़े मंजिल की ओर।
अब एक आपबीती छोटी सी घटना का जिक्र करते हैं। पिछले दिनों मैं बाइक परीक्षण के लिए निकला। एक कार वाले ने नशे की हालत में पीछे से टक्कर मारी। मेरी बाइक का एलॉय टूट गया, हैंडल टेढा हो गया लेकिन मैं सलामत था।
अब आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे? इसलिए, क्योंकि मैंने पूरे बाइकिंग गियर पहन रखे थे और मुझे एक खरोंच तक नहीं आई। आपको आज हम इस कालम में बाइकिंग के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरणों से अवगत कराते हैं-
राइडिंग के दौरान ये सेफ्टी टूल्स अपनाएं
राइडिंग जैकेट
यदि आप मोटोजीपी के शौकीन होंगे तो आपको बाइक रेसरों के पहनावे का अंदाजा जरूर होगा। उसी तरह से सामान्य राइडिंग में भी जैकेट पहनना बेहद जरूरी होता है।
जैकेट आपके साइज के मुताबिक ही तैयार होना चाहिए। इसमें लगे एल्बोन, शोल्डीर व बैक को सपोर्ट करने के लिए गार्ड गिरने पर आपके शरीर पर खरोंच नहीं आने देते।
एक अच्छी राइडिंग जैकेट आपको 5000 रुपये में मिल जाएगी, जितना ज्यादा खर्च करेंगे गुणवत्ता उतनी अच्छी होगी। बाइकिंग गियर के एक्सक्लूसिव स्टोर्स से आप इसे खरीद सकते हैं।
ट्राउजर/नीगार्ड
ट्राउजर भी राइडिंग के दौरान काफी अहम होता है। दुर्घटना के दौरान यह आपके हिप और घुटनों को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाता है। यदि आप ट्राउजर नहीं खरीद सकते तो फिर नीगार्ड का प्रयोग अवश्य करें।
गिरने पर सबसे अधिक आशंका घुटनों पर चोट लगने की होती है। नीगार्ड आपको हजार रुपये तक मिल जाएंगे, जबकी एक ठीकठाक राइडिंग पैंट के लिए आपको पांच हजार रुपये खर्च करने होंगे।
इन्हें भी अपनाएंगे तो सुरक्षित रहेंगे
ग्लव्स
ग्लव्स पहनने से एक तो बाइक पर आपकी ग्रिप अच्छी रहती है और गिरने पर ये आपके पंजे और अंगुलियों को छिलने से बचाते हैं। अच्छे ग्लव्स आपको हजार रुपये तक मिल जाएंगे।
राइडिंग बूट
लंबी राइडिंग के दौरान राइडिंग बूट आपके पैर को सुरक्षा देते हैं साथ ही गियर शिफ्टिंग भी सहज रहती है। प्रोफेशनल ही नहीं आम राइडर भी सुरक्षआ के लिए राइडिंग बूट पहनते हैं।
हेलमेट
देश में मोटरसाइकिल हादसे के नब्बे फीसदी मामलों में राइडर की जान हेलमेट न पहनने या गलत हेलमेट पहनने से जाती है। इसलिए हेलमेट का चयन सावधानी से करें। खरीदते वक्त इसे पहन कर देखें। यह आपके सिर पर अच्छी तरह से फिट हो और दोनों तरफ से टाइट हो।
ढीला हेलमेट आपको हादसे के वक्त धोखा दे सकता है। इस पर आईएसआई मार्क अवश्य देखें। मानकों पर खरा एक सुरक्षित हेलमेट बनाने में ही हजार रुपये खर्च आता है। इसलिए 500 रुपये वाला हेलमेट सैद्धांतिक रूप से कभी सुरक्षित नहीं हो सकता।
कैसे पहनें हेलमेट
हेलमेट पहनने के बाद उसकी स्ट्रिप को सही से बांध लें। बिना स्ट्रिप बांधे कभी बाइक चलना शुरू न करें। आजकल हेलमेट में वाइजर को दिन व रात के हिसाब से बदला जा सकता है। अपने बैग में एक अतिरिक्तर वाइजर जरूर रखें। हेलमेट को कभी पीछे की तरफ से न निकालकर अपने चिन के तरफ से निकालें। इससे हेलमेट की फिटिंग हमेशा बनी रहेगी।
हेलमेट की जिंदगी
एक हेलमेट की जिंदगी तब तक ही रहती है जब तक कि आप किसी दुर्घटना का शिकार नहीं हो जाते या फिर गलती से आपका हेलमेट कहीं से गिर नहीं जाता। यदि आपका हेलमेट हाथ से भी गलती से फर्श पर गिर जाता है तो उस हेलमेट की जिंदगी वहीं खत्म हो जाती है।
इसलिए हेलमेट को हमेशा उसी बैग में रखें जो इसे खरीदने के दौरान दुकानदार आपको देता है। अपना हेलमेट किसी को न दें। यह हाइजीन के लिए भी अच्छा है और आपके सिर का साइज दूसरे व्यक्ति से अलग हो सकता है।