इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते जहां बॉर्डर से सटे गांव खाली करा दिए गए, वहां प्रशासन ने सुरक्षा सेंटर बनाकर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के 10 किमी के गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पठानकोट में 20 बसें लगाई गई हैं। इसके अलावा जिले में 6 सुरक्षा सेंटर बनाए गए हैं।
यहां लोगों के लिए रहने, खाने पीने के अलावा मेडिकल सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। डीसी ने बताया ने सीमावर्ती गांवों के लोगों की सहायता के लिए एडीसी जनरल व एडीसी विकास को लगाया गया है। इसके अलावा विभिन्न अधिकारियों की ड्यूटियां भी लगाई गई हैं।
6 सुरक्षा सेंटर बनाए गए हैं। लोगों की सहायता के लिए डीसी कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। विशेष कंट्रोल रूम के नंबर 0186-2221134 और 0186-2220450 हैं। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने डीसी के साथ बनाए गए सुरक्षा कैपों का दौरा कर प्रबंधों का जायजा लिया।
मुख्य सचिव ने बैठक करके लिया प्रबंध कार्यों का जायजा
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
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सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव (योजना) एसआर लधड ने शुक्रवार को स्वीमिंग पूल कांपलेक्स में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीसी अमित कुमार, विधायक सीमा देवी, एडीसी सुरिंद्र सिंह, एडीसी (विकास) गुरप्रताप सिंह नागरा, एसडीएम धारकलां गुरजीत सिंह, एसडीएम अमित महाजन आदि शामिल थे।
इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए. ताकि युद्ध की स्थिति बनने पर को जान माल का नुकसान न हो। अधिकारियों की कमी है तो अन्य जिलों से अधिकारियों को बुलाकर ड्यूटी लगाई जाए और कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए।
कंट्रोल रूम का इंचार्ज एडीसी अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी को बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने तक अधिकारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा सुरक्षा कैंपों लोगों को खाना, मेडिकल सेवाएं, शौचालय, पशुओं के चारे व स्वच्छता का पूरा प्रबंधन किया जाए।