दिवाली पर खुशियां बांटने और दीप जलाने में सावधानी बरतें। जरा सी लापरवाही खुशियों पर पानी फेर सकती है। पटाखा जलाते वक्त मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित दिवाली मनाने का प्रयास करें। रोशनी के इस त्योहार में सुरक्षित रहकर उत्सव मनाने का संदेश देते पीजीआई और स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को एडवाइजरी जारी की है।
पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के प्रमुख डॉ. एसएस पांडव ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में यह प्रवृत्ति देखी गई है कि अधिकांश चोट आसपास खड़े लोगों को आई है। ये लोग खुद पटाखे नहीं जला रहे थे बल्कि आसपास खड़े होकर दूसरों को पटाखे जलाते देख रहे थे। हर वर्ष लगभग 20 से 25 प्रतिशत लोगों की दोनों आंखों में चोट लग जाती है। 30 अक्तूबर से 2 नवंबर 2024 तक जरूरतमंद लोगों की तत्काल देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक आपातकालीन दिवाली रोस्टर बनाया गया है।
डॉ. पांडव ने कि लोग तत्काल सहायता के लिए मोबाइल नंबर 9814014464 पर संपर्क कर सकते हैं या सीधे एडवांस्ड आई सेंटर से 0172-2756117 और 0172-2755454 पर संपर्क कर सकते हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख अतुल पाराशर ने दिवाली को जिम्मेदारी से मनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि विभाग उत्सव के दौरान जलने से होने वाली चोटों के प्रबंधन के लिए 24 घंटे सहायता देगा। उधर, स्वास्थ्य विभाग के साथ जीएमसीएच 32 में भी हर स्तर पर तैयारी हो चुकी है।
इसका रखें ध्यान
- आंख में हल्की चिंगारी लगने पर भी उसे हाथ से मसलें नहीं
- सादे पानी से आंखों को धोएं और जल्दी से डॉक्टर को दिखाएं
- दिवाली के बाद प्रदूषण और राख से आंखों में जलन की दिक्कत भी काफी बढ़ जाती है।
- अक्सर दिवाली के दूसरे-तीसरे दिन तक बाहर निकलने पर आंखों में जलन महसूस होती है, क्योंकि हवा में प्रदूषण होता है। ऐसी दिक्कत होने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप इस्तेमाल कर सकते हैं।
- रंगोली बनाने के बाद बिना धोए आंखों को न छुएं क्योंकि रंगोली में इस्तेमाल किए गए रंगों में मौजूद रसायन आंखों को गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं।
- पटाखों पर लगा लेबल देखें और उस पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- पटाखे जलाने से पहले खुली जगह में जाएं।
- आसपास देख लें, कोई आग फैलाने वाली या फौरन आग पकड़ने वाली चीज तो नहीं है।
- जितनी दूर तक पटाखों की चिंगारी जा सकती है, उतनी दूरी तक छोटे बच्चों को न आने दें।
- पटाखा जलाने के लिए स्पार्कलर, अगरबत्ती या लकड़ी का इस्तेमाल करें ताकि पटाखे से आपके हाथ दूर रहें और जलने का खतरा न हो।
- रॉकेट जैसे पटाखे जलाते वक्त यह तय कर लें कि उसकी नोक खिड़की, दरवाजे और किसी खुली बिल्डिंग की तरफ न हो। यह दुर्घटना की वजह बन सकता है।
- पटाखे जलाते वक्त पैरों में जूते-चप्पल जरूर पहनें।
- हमेशा पटाखे जलाते वक्त अपना चेहरा दूर रखें।
- अकेले पटाखे जलाने के बजाय सबके साथ मिलकर एंजॉय करें ताकि आपात स्थिति में लोग आपकी मदद कर सकें।
- कम से कम एक बाल्टी पानी भरकर नजदीक रख लें।
(ये जानकारी पीजीआई के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस पांडव ने दी)
ऐसा बिल्कुल न करें
- नायलॉन के कपड़े न पहनें, पटाखे जलाते समय कॉटन के कपड़े पहनना बेहतर होता है।
- पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इसमें खुली फ्लेम होती है, जो कि खतरनाक हो सकती है।
- रॉकेट जैसे पटाखे तब बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर कोई रुकावट हो, मसलन पेड़, बिजली के तार आदि।
- पटाखों के साथ एक्सपेरिमेंट या खुद के पटाखे बनाने की कोशिश न करें।
- सड़क पर पटाखे जलाने से बचें।
- एक पटाखा जलाते वक्त बाकी पटाखे आसपास न रखें।
- कभी भी अपने हाथ में पटाखे न जलाएं। इसे नीचे रखकर जलाएं।
- कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई भी पटाखा न दें।
- कभी भी बंद जगह पर या गाड़ी के अंदर पटाखा जलाने की कोशिश न करें।
( स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी)
दुर्घटना हो जाए तो इसका रखें ध्यान
- पटाखे जलाते समय जल जाएं तो 10 मिनट तक नल के नीचे हाथ-पैर पर पानी डालें। पानी का फ्लो तेज न रखें।
- इससे जलन कम होगी। त्वचा को ठंडक मिलेगी। जले हुए जगह को कपड़े या तौलिए से रगड़ें नहीं, बल्कि उसके ऊपर जल्दी से कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं। इससे जली हुई त्वचा को आराम मिल जाएगा।
- जलने पर बर्फ न लगाएं। इससे त्वचा छिल सकती है। पटाखों से जल जाए तो एलोवेरा जेल जले हुए भाग पर लगाएं। इससे जलन का अहसास नहीं होगा।
- स्किन में कोई कपड़ा जलकर चिपक गया है तब उसे निकालने की कोशिश नहीं करें।
- फफोले पड़ने पर फोड़े नहीं। इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
- रुई या कॉटन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि रुई जली हुई जगह पर चिपक सकती है जिससे जलन कम होने की बजाय और बढ़ जाती है।
(यह जानकारी त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा ने दी)
इमरजेंसी में इन नंबरों पर करें कॉल
जीएमएसएच सेक्टर 16- 01722782457,2720104,2752042,2752032।
जीएमसीएच सेक्टर 32- 01722665545,49.
पीजीआईएमईआर इमरजेंसी -
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पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर-
9814014464, 0172-2756117