चंडीगढ़। झांसी की बुंदेलखंड नाट्य कला समिति ने हास्य नाट्य महोत्सव ‘हंसना मना है’ के आठवें दिन हिंदी हास्य नाटक ‘साधु और सुंदरी’ का टैगोर थियेटर में शनिवार को मंचन किया।
इसकी कहानी राजा महेंद्र विक्रम बर्मन ने लिखी है। नाटक डॉ. हिमांशु द्विवेदी द्वारा निर्देशित है। नाटक एक आध्यात्मिक गुरु के शिष्य के चारों ओर घूमता है। कहानी में एक मोड़ आता है जब शिष्य को एक युवती से प्यार हो जाता है। बाद में युवती को सांप काट लेता है। अपने शिष्यों के अनुरोध पर गुरु युवती की आत्मा को अपने शरीर में धारण करता है और वह एक साधु की तरह व्यवहार करने लगते हैं। उसकी आत्मा को बाद में स्वर्ग से लौटा दिया गया, क्योंकि यह एक गलती प्रतीत होती है और गुरु के शरीर में प्रवेश करती है। परिस्थितियां अंत तक भ्रम और हास्य तत्वों को दर्शाती हैं। प्रवेश करते हैं और चीजों को सही करते हैं।
नाटक में हिमांशु, निशांत, बालकृष्ण, संतोष, पूनम, प्रगति, लक्ष्य, अभिषेक, नरेंद्र, रोशन, विकास, कृतेंद्र, राज, अवतार, गौरव शर्मा, गौरव मथुरिया, सुमित, दीपक, सागर, सागर, राज सागर, नामदेव, प्रफुल्ल और महेंद्र जैसे कलाकारों ने भूमिकाएं निभाईं।
एनजेडसीसी पटियाला के निदेशक प्रोफेसर सौभाग्य वर्धन, सीएसएनए के अध्यक्ष कमल अरोड़ा और अध्यक्ष संस्कार भारती चंडीगढ़ मुकेश शर्मा भी अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों में शामिल थे। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी), पटियाला (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा आयोजित ‘हास्य नाट्य महोत्सव’ 21 सितंबर तक चलेगा। प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के कलाकार रविवार को हिंदी हास्य नाटक ‘एक लड़की पांच दीवाने’ प्रस्तुत करेंगे।