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सद्भावना सम्मलेन: संतों और सेलिब्रिटीज ने दिया शांति, भाईचारे का संदेश

Mon, 04 Apr 2016 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रोहतक सद्भावना सम्मेलन में मौजूद संगत - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव का केंद्र रहे रोहतक की धरती से सद्भावना सम्मेलन में संतों और सेलिब्रिटीज ने एकजुट होकर भाइचारे का संदेश दिया। सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए एकजुट हुए संत समाज, खेल व अभिनय जगत की हस्तियों ने मन का मैल धोकर फिर से भाईचारा कायम करने की पुरजोर अपील की। नई अनाज मंडी में बनाए गए सामाजिक समरसता मंच पर पर मौजूद वक्ताओं का एक ही मकसद था कि आज से सद्भावना का संकल्प लेना है और इसे कायम रखना है।
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सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रदेश ही नहीं आसपास के कई राज्यों से सुबह आठ बजे से ही लोगों का आवागमन शुरू हो गया था। संत समाज और सेलिब्रिटी ने संबोधन शुरू किया तो एक ही बात कही कि वे हरियाणा में भाईचारा और शांति मांगने आए हैं, ताकि हरियाणा के सिर पर नंबर वन का ताज हमेशा के लिए सजा रहे। सुबह 10:55 पर मंच से सद्भावना संदेश देने की शुरुआत महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने की।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में सामाजिक समरसता कायम करने के लिए अतीत को भुलाकर भविष्य को सुरक्षित और संवर्धित करना होगा। इसके लिए सभी को सद्भावना दिखाकर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। स्वामी परम चैतन्य ने वेदों पर चर्चा करते संदेश दिया कि दूसरों को पीड़ा देकर अपने उत्थान की चाहत नहीं रखनी चाहिए, बल्कि सभी के कल्याण का भागी बनना चाहिए। जिस तरह भगवान राम ने सभी को साथ लेकर सेतू बनाया, उसी तरह हरियाणा की जनता को कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश  को आगे बढ़ाना है।
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साक्षी गोपाल दास ने दंगों से उपजे बैर भाव को भुलाने और फिर से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा दूसरों को कष्ट नहीं देना चाहिए, बल्कि सम्मान देना चाहिए। साध्वी अमृता ने समता व विषमता का भेद नहीं आने देने की बात कही। क्योंकि यह भेद आने पर समाज का नाम खो देते हैं और उपद्रवी व उग्रवादी कहलाते हैं। हुजूर कंवर सिंह ने कहा कि शर्म की बात है कि जिस धरती से गीता का संदेश दिया गया, उसी प्रदेश में विरोध की भावनाएं भड़कीं। अब सभी को धर्म व जातिवाद की जगह पुरातन परंपरा का संदेश देना है। 

समाज को बदलने वाले बनों
जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि हजार मुर्दों की जगह चार जिंदा लोग भी समाज को बदल सकते हैं। इसलिए समाज को बदलने वाले बनों और एक-दूसरे से भाईचारा बढ़ाओ। स्वामी रामदेव ने कहा कि अतीत को भुलाकर सभी को संकल्प करना होगा कि आगे ऐसा नहीं होने देना है। हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भारत की संस्कृति में जातपात को स्थान नहीं होने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सभी को मन से एकता कायम करनी है, क्योंकि मन पवित्र है तो करुणा, दया, भाईचारे को बल मिलता है। सतपाल महाराज, आचार्य लोकेश मुनि महाराज, जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि सद्भावना कायम रखने का संदेश देते कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक कहा जाएगा, क्योंकि सभी का केवल एक ही मकसद है, वो है भाईचारा, समन्वय और सामाजिक समरसता कायम करना।

भाईचारे, शांति और सदभावना की अपील
अभिनेता रणदीप हुड्डा, पहलवान संग्राम सिंह, योगेश्वर दत्त,पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा, गायिका हिमानी कपूर ने भाईचारा कायम रखने की अपील की। शतरंज खिलाड़ी रही अनुराधा बैनीवाल ने कहा कि उपद्रव करने वाले हमारे ही बीच से थे, इसलिए हमे खुद ही भाईचारा व शांति कायम करनी होगी।

80 हजार के करीब पहुंचे लोग
आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में 80 हजार के करीब लोग पहुंचे। सभी के लिए भोजन के पैकेट की व्यवस्था की गई थी। ये पैकेट्स प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैयार किए गए और सम्मेलन में पहुंचने वाले लोगों को रास्ते में ही वितरित किए जाते रहे। इतने विशाल कार्यक्रम को संचालित और व्यवस्थति करने के लिए संघ सहित सामाजिक संगठनों के 1250 अधिक स्वयंसेवक तैनात रहे। 

मंच से दूर रहे राजनेता
सद्भावना सम्मेलन में राजनेताओं के आने को मनाही नहीं थी, लेकिन उनके लिए मंच पर स्थान तय नहीं किया गया था और न ही उनसे संबोधन करवाया जाना था। हालांकि इस कार्यक्रम को भाजपा और संघ का आयोजन बताते हुए कांग्रेस पहले ही दूरी बना चुकी थी। भाजपा के भी स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर के अलावा कुछ पदाधिकारी पहुंचे थे, लेकिन वे भीड़ के बीच ही बैठे रहे।
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