चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को खतरे में डाल दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित करोड़ों रुपये का बजट अधिकारियों की अनदेखी के चलते खर्च नहीं हो पा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग को 2022- 23 में 20 अलग-अलग योजनाओं के लिए 18 करोड़ 35 लाख 82000 स्वीकृत किए गए थे। जिसके अंतर्गत सिर्फ 6 करोड़ 18 लाख 34000 खर्च किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि कई योजनाओं में तो विभाग 1 रुपया भी खर्च नहीं कर पाया है। वही महज तीन योजनाओं में 50% या उससे ज्यादा बजट खर्च किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत मिलने वाले बजट में से कम से कम 50% खर्च करना अनिवार्य होता है। अगर उससे भी कम बजट खर्च किया गया है तो यह लापरवाही है। क्योंकि बजट न खर्च हो पाने की स्थिति में अगले वित्तीय वर्ष में आकलन के आधार पर सरकार उसे कम भी कर सकती है।
योजना बजट खर्च प्रतिशत
मातृत्व स्वास्थ्य 155.02 3.47 2
बाल स्वास्थ्य 84.54 15.11 18
टीकाकरण 43.55 5.7 13
किशोर स्वास्थ्य 8.78 4.39 50
परिवार नियोजन 29.54 7.25 25
पोषण 1.54 0.35 23
आईडीएसपी 12.25 2.21 18
एनपीसीडीसीएस 4.17 0.31 7
पीएमएनडीपी 4 0.2 1
एनपीपीसीडी 21 0 0