यूटी के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल अपने पद पर बने रहेंगे या यूटी को नया प्रशासक मिलेगा, इसे लेकर फिर से अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।
पाटिल बुधवार को एक सप्ताह के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं और इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलेंगे। पाटिल और राष्ट्रपति की इस मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाटिल राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें इस्तीफा दे सकते हैं।
हालांकि राजभवन सूत्रों का कहना है कि पाटिल अपनी आत्मकथा को राष्ट्रपति से रिलीज कराना चाहते हैं और वह इस संबंध में उनसे मिलने जा रहे हैं। पाटिल की आत्मकथा बाजार में आ गई है, लेकिन उसे अभी तक आधिकारिक तौर पर रिलीज नहीं किया गया है।
बजट से पूर्व नए राज्यपालों की नियुक्ति की संभावना
बजट सत्र से पूर्व नए राज्यपालों की नियुक्ति होने की संभावना है। इनमें पंजाब के राज्यपाल का नाम होगा या नहीं इसको लेकर अटकलें जोरों पर हैं।
पाटिल ने हालांकि केंद्र में मोदी सरकार के आने से पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर दी थी, लेकिन कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। इसलिए कांग्रेस के सूत्रों का यही कहना है कि पाटिल अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
चर्चा यह भी है कि पाटिल को किसी दूसरे राज्य भेजा जा सकता है। ऐसे में शुक्रवार से पहले यह तय हो जाएगा कि चंडीगढ़ को अगला प्रशासक अभी मिलेगा या जनवरी में। पाटिल का पांच साल का कार्यकाल 21 जनवरी 2015 को खत्म हो रहा है।
अगले प्रशासक के लिए तीन नामों की चर्चा
यूटी के अगले प्रशासक को लेकर भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं के नाम की चर्चा है। पहले इस पद के लिए सिर्फ भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का ही नाम था, लेकिन अब इस पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता ओ. राजगोपाल और लालजी टंडन के नामों की भी चर्चा है।
ओ. राजगोपाल केरल भाजपा से हैं और उन्होंने पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि वह चुनाव हार गए थे। भाजपा के स्थानीय नेता मल्होत्रा के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासक पद की दौड़ में अभी मल्होत्रा सबसे आगे हैं।