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पीयू में पीएचडी के लिए बदलेंगे नियम

Mon, 30 Dec 2013 01:03 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी पीयू अब शोध में नए प्रयोग करने की तैयारी में है। यूनिवर्सिटी प्रशासन पीएचडी के लिए विद्यार्थियों को नए विकल्प देने जा रहा है। एक खास विषय में एमए करने वाला स्टूडेंट दूसरे विषय में पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेगा। इसकी शुरुआत पीयू के गांधीयन एंड पीस स्टडीज से करने की तैयारी है। अगर प्रयोग सफल रहा तो अन्य विभागों में भी इसे बाद में लागू किया जा सकेगा।
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डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन एंड पीस स्टडीज से एमए करने वाले विद्यार्थियों को दूसरे पीएचडी दूसरे विषय में करने का मौका मिलेगा। 4 जनवरी को होने वाली सिंडीकेट की बैठक में यह प्रस्ताव पेश किया जाएगा। पीएचडी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उम्मीदवार को सिर्फ संबंधित विषय का पीयू का एंट्रेंस टेस्ट क्लीयर करना होगा।

पीयू के कई विभागों में पीएचडी के लिए विद्यार्थियों की लंबी वेटिंग लिस्ट है। नए नियम से वेटिंग में रखे गए उम्मीदवारों को यह लाभ मिलेगा कि वे किसी दूसरे विभाग में सीट खाली होने पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
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कॉलेजों में रिसर्च सेंटर, शुरू होगा पीएचडी प्रोग्राम  
पीयू प्रशासन ने पीएचडी करने के इच्छुक उम्मीदवारों की वेटिंग लिस्ट कम करने के लिए कॉलेजों में पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर ली है। चंडीगढ़ के कुछ कॉलेजों में यह प्रयोग शुरू भी हो चुका है।

पीएचडी के लिए संबंधित कॉलेज में रिसर्च सेंटर स्थापित करना अनिवार्य किया है। इसके लिए कॉलेज को पीयू के पास आवेदन करना होगा। पीयू में प्रो. नंदिता सिंह की अगुवाई में गठित कमेटी ने रिसर्च सेंटर के लिए आवेदन का खाका भी तैयार कर लिया है। इसमें कॉलेज को 16 प्वाइंट के जवाब और 5000 हजार रुपये फीस देनी होगी।

पीयू में गेस्ट फैकल्टी के लिए बदलेंगे नियम
पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में हर साल प्रोफेसर के खाली पदों पर गेस्ट, पार्ट टाइम शिक्षक और एक्सपर्ट की नियुक्ति को लेकर नए नियम लागू होंगे। 4 जनवरी को पीयू सिंडीकेट में इस मामले पर अंतिम मुहर लग सकती है। 2 अगस्त 2013 को वीसी ने डीयूआई मधु राका की अध्यक्षता में हुई बैठक में गेस्ट और पार्ट टाइम शिक्षकों की नियुक्ति के नए नियम बनाए थे।

ऐसे शिक्षक या एक्सपर्ट को प्रति पीरियड 1000 रुपये और महीने का अधिकतम 25 हजार रुपये दिया जाएगा। कमेटी के अनुसार प्रोफेसर के एक खाली पद पर दो से अधिक एक्सपर्ट को विद्यार्थियों से इंट्रेक्शन के लिए बुलाया जाता है। ऐसे में एक पद पर अधिक एक्सपर्ट को बुलाने का प्रोविजन होना चाहिए।

सिंडीकेट में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पर भी मुहर लग जाएगी। इस प्रस्ताव को कमेटी सदस्य प्रो. डीके धवन, प्रो. आरके गुप्ता, पीयू एफडीओ, डिप्टी रजिस्ट्रार (इस्टेबलिसमेंट टीचिंग) ने पारित कर दिया है।

एलएलएम में मिलेंगे इंप्रूवमेंट के दो चांस
पीयू के लॉ विभाग से एलएलएम करने वाले विद्यार्थियों को भी इंप्रूवमेंट का चांस मिल सकता है। पीयू सिंडीकेट में एलएलएम में 55 फीसदी से कम अंक पाने वालों को इम्प्रूवमेंट और री-अपीयर के लिए प्राइवेट कैंडीडेट के तौर पर पेपर देने का मौका मिल सकेगा। प्रस्ताव के तहत ऐसे विद्यार्थियों को एलएलबी की डिग्री हासिल करने के पांच साल के अंदर सिर्फ दो चांस इंप्रूवमेंट के मिल सकेंगे। विद्यार्थियों को डैजरटेशन, थीसिस या इंटरव्यू में यह सुविधा नहीं मिलेगी। पीयू की ओर से इंप्रूवमेंट के लिए समय-समय पर फीस तय की जाएगी।

एमए मास कॉम में क्रेडिट सिस्टम
पीयू के स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन  में एमए जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशनल में ओपन क्रेडिट सिस्टम शुरू होगा। विद्यार्थियों को 0 से 10 प्वाइंट तक तक ग्रेड मिलेंगे। पीयू ने बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की डिग्री से पहले तीन महीने की ट्रेनिंग अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इस पर भी सिंडीकेट बैठक में मुहर लग सकती है।
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