चंडीगढ़ में सुखना लेक के गार्डन ऑफ साइलेंस (बुद्धा गार्डन) में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। यहां आयोजित एक एनजीओ के कार्यक्रम में काफी तेज आवाज में डीजे बजाकर लोगों ने डांस किया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सुखना लेक पर सैर करने वाले कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि साइलेंस जोन में तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति आयोजकों को कैसे दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
अधिकारियों के सामने बज रहा था गाना
मैं पिछले करीब 20 वर्षों से सुबह सैर करने के लिए सुखना लेक आता हूं। रविवार सुबह हम गार्डन ऑफ साइलेंस से काफी दूर थे, फिर भी गानों की आवाज आ रही थी। मैं मौके पर गया तो देखकर हैरान रह गया कि वन विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों की मौजूदगी में कैसे स्क्रीन लगाकर और डीजे बजाकर लोग डांस कर रहे थे। - राजीव शर्मा, बिजनेसमैन
नियमों का पालन करना चाहिए था
रविवार सुबह बहुत तेज आवाज में गाने बज रहे थे। मैं सैर करने के लिए पिछले कई सालों से लेक पर आ रहा हूं। इतना तेज संगीत कभी नहीं सुना था। कार्यक्रम के आयोजकों को साइलेंस जोन के नियमों का पालन करना चाहिए था। - अरुण कौशिश, प्रोफेसर
तेज संगीत की वजह से हुई परेशानी
सुखना लेक पर रोजाना सैकड़ों लोग सुबह सैर करने के लिए आते हैं क्योंकि यहां बहुत शांति और सुकून मिलता है। रविवार को सुबह चल रहे तेज संगीत की वजह से लोग काफी परेशान हुए। गानों की आवाज बहुत दूर से ही सुनाई दे रही थी। - कपिल शर्मा, बिजनेसमैन
वार्मअप के लिए चलाया गया था म्यूजिक
मैराथन में हिस्सा लेने वाले लोगों को इंस्ट्रक्शन देने के लिए साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई थी। मैराथन को शुरू करने से पहले प्रतिभागियों के वार्मअप के लिए म्यूजिक चलाया गया था। डीजे की आवाज निर्धारित साउंड लेवल के अंदर ही थी। - नवल किशोर, निदेशक, टीम सॉल्यूशन एनजीओ
कुछ समय के लिए आवाज तेज थी
गार्डन ऑफ साइलेंस में तेज आवाज में डीजे बजाने की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। एक एनजीओ की तरफ से मैराथन का आयोजन किया गया था। हमारे जेई मौके पर थे। कुछ समय के लिए आवाज तेज हुई थी, उस पर आपत्ति जताते हुए म्यूजिक को कम करा दिया गया था। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन