विधानसभा में गुरुवार को गन्ने के रेट न बढ़ाने के मुद्दे पर भी विपक्ष ने सरकार की जबरदस्त घेराबंदी की। इस पर खूब हंगामा हुआ और पक्ष-विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई। जवाब दे रहे कृषि मंत्री को भी बार-बार टोका गया। जिस वजह से वे भी इस पर जवाब नहीं दे पाए। अंतत: हंगामा करते कांग्रेसी विधायक वेल में स्पीकर के समक्ष पहुंच गए और वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सीएम ने तुरंत इस मामले को टेकओवर किया और गन्ने के रेट पर बात रखने लगे। मगर कांग्रेसी विधायकों ने सीएम को भी बोलने नहीं दिया। वे बार-बार सीएम को टोकते रहे। वेल में हंगामा कर रहे कांग्रेसियों को स्पीकर ने भी कई बार वापस सीट पर जाकर बैठने की हिदायत दी। लेकिन कांग्रेसी विधायक नहीं माने और इस मामले पर वाकआउट कर गए।
दरअसल, गुरुवार को गन्ने के रेट में बढ़ोतरी न होने संबंधी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विभिन्न विधायकों की ओर से आया हुआ था। इसलिए स्पीकर ने इस पर चर्चा शुरू की। कृषि मंत्री जेपी दलाल जब इस पर जवाब देने लगे तो विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, धर्मपाल छौक्कर, रघुबीर कादियान, जगबीर मलिक, आफताब अहमद, शकुंतला खटक, राव दान सिंह, शमशेर सिंह गोगी, वरूण मुलाना समेत अन्य विधायक उन्हें टोकने लगे। इन कांग्रेसी विधायकों का कहना था कि मंत्री गन्ने के रेट क्यों नहीं बढ़ रहे, इस पर जवाब दें, न कि किसानों की आय कैसे बढ़ानी है, इस पर।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है और इसके लिए सरकार के क्या प्रयास हैं, वे सदन को बता रहे हैं। मगर कांग्रेसी विधायकों ने कहा कि जवाब को घुमाने की कोशिश न की जाए, जो पूछा गया है, उस पर ही जवाब दिया जाए। कृषि मंत्री को बार-बार विपक्ष द्वारा टोकता देख गृहमंत्री अनिल विज भी खड़े हो गए और कांग्रेसी विधायकों से भिड़ गए।
बहस और हंगामे का दौर जब बढ़ता गया तो सीएम ने मोर्चा संभालते हुए इसका जवाब देना शुरू किया। लेकिन विपक्ष सीएम के जवाब से भी संतुष्ट नहीं हुआ और सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप जड़ते हुए सदन से वाकआउट कर गया। हुड्डा ने कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में चर्चा गन्ने केरेट पर हो रही है और सरकार के मंत्री किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहते हुए इस मामले को घूमाते हुए सदन को गुमराह कर रहे हैं। इसलिए कांग्रेसी विधायकों ने वाकआउट किया है।