चंडीगढ़। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मरीजों के लिए जीएमएसएच-16 में आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संख्या में टेस्ट किट उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खांसी, जुकाम या बुखार होने पर सतर्क रहें। यदि सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉ. सिंह ने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड लेने से बचें। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने और हाथों की उचित स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। डॉ. सुमन सिंह ने आश्वासन दिया कि फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। कोरोना केस बढ़ने की स्थिति में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टर अलर्ट पर हैं और जरूरत पड़ने पर 500 बेड भी तैयार किए जा सकते हैं।
हाल ही में जीएमसीएच-32 में कोरोना से 40 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई थी। यह मरीज लुधियाना के सिविल अस्पताल से चंडीगढ़ रेफर किया गया था और दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुआ था। मृतक राजकुमार मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले थे। वह लुधियाना के समराला के गोबिंद नगर में नौकरी कर रहे थे। उन्हें पेट की दिक्कत के बाद बुखार हुआ था और सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसके बाद जांच में उनका टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। GMCH-32 में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार है। डॉक्टरों का यही कहना है कि अभी कोरोना से घबराने की नहीं बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है।