चंडीगढ़। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका पर पीजीआई प्रशासन ने ओपीडी में आने वाले दो विभागों के सभी मरीजों के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दी है। इसमें ईएनटी और चेस्ट मेडिसिन शामिल है। इन दोनों विभागों के मरीजों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही ओपीडी में परामर्श मिल सकेगा।
पीजीआई प्रशासन ने पैरासाइटोलॉजी विभाग के प्रो. राकेश सहगल के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी को इसके क्रियान्यवन का जिम्मा सौंपा है। ओपीडी प्रभारी प्रो. नवीन पाण्डेय ने बताया कि कमेटी को आरटीपीसीआर और रैपिड टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर फोकस करने को कहा गया है। इसके लिए न्यू ओपीडी के साथ ही ट्रामा सेंटर में जांच की व्यवस्था होगी। प्रो. नवीन का कहना है कि ईएनटी और चेस्ट मेडिसिन के मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टर को उनके पास जाना पड़ता है। उस दौरान सामाजिक दूरी के मानकों का पालन नहीं होता और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अन्य मरीजों का भी जरूरत व उनके लक्षणों के आधार पर रेंडम आरटीपीसीआर होगा।