इस दौरान संघ प्रमुख को विदा करने के लिये काफी संख्या में यहां मौजूद पांच राज्यों के क्षेत्र कार्यवाह सीताराम व्यास के अलावा प्रचारक एवं टीम के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। जब डा.मोहनराव भागवत मुस्कुराते हुए बोले कि आप लोगों ने मेरे जिम्मे जो काम सौंपा था, वह मैने कर लिया ना ? अब कोई और सुझाव हो तो वो बताओ ? यह सुनते ही उत्तर क्षेत्र के कार्यवाह सीताराम व्यास बोले कि सुझाव तो यही है कि आप जल्द कुरुक्षेत्र के लिये पधारें। इस पर डॉ. मोहनराव भागवत ने ठहाका लगाकर हंसते हुए कहा कि सरकार्यवाह (भैया जी जोशी) अगर कहेंगे तब आना ही होगा, फिर चाहे आप नहीं भी बुलाएंगे तब भी कुरुक्षेत्र तो आऊंगा।
आरएसएस प्रमुख का चार साल में तीसरा दौरा
पिछले चार साल में संघ प्रमुख का कुरुक्षेत्र में यह तीसरा दौरा था। हालांकि इससे पहले संघ की राष्ट्रीय स्तर की प्रतिनिधि सभा-2010 और उसके पहले एवं बाद में भी मोहन भागवत कुरुक्षेत्र में प्रवास कर चुके हैं, लेकिन पांच मार्च 2016 में गीता ज्ञान संस्थानम के भूमि पूजन, नवंबर 2017 में गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप के शिलान्यास के बाद उनका पांच दिन का यह पहला प्रवास रहा।
भागवत करेंगे 10 करोड़ से बन रही विराट स्वरुप का अनावरण
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा के मुताबिक विश्वप्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार के पुत्र अनिल सुतार ज्योतिसर में लगने वाली श्रीकृष्ण के विराटरूप की भव्य एवं विशालमूर्ति तैयार कर रहे हैं। ज्योतिसर गीता जन्मस्थली तीर्थ पर स्थापित की जाने वाली यह मूर्ति 10 करोड़ रुपये की कीमत से तैयार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के इस विराट स्वरुप वाली प्रतिमा का अनावरण भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डा.मोहनराव भागवत ही करेंगे।