इलाज के बाद भुगतान का चंडीगढ़ आयुर्वेद सेंटर को बिल न देना भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने चंडीगढ़ आयुर्वेद सेंटर को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को बिल जारी करे। इसके साथ ही पांच हजार रुपये मुआवजा भी अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के 45 दिनों के अंदर निर्देश का पालन न करने पर दो हजार रुपये अतिरिक्त राशि देनी होगी।
शिकायतकर्ता रेखा अरोड़ा निवासी सेक्टर-20 पंचकूला ने सेक्टर-32 सी स्थित चंडीगढ़ आयुर्वेद सेंटर और वैद्य करनवीर सिंह के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 2 चंडीगढ़ में शिकायत दी थी। रेखा अरोड़ा ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने अपना इलाज करवाने के लिए 21 मार्च 2020 को चंडीगढ़ आयुर्वेद सेंटर से संपर्क किया।
वैद्य करनवीर सिंह ने कहा कि उसकी समस्या में सुधार किया जाएगा और उसके अनुसार उसे 1527 रुपये की दवा दी। इसका भुगतान शिकायतकर्ता के पति ने अपने खाते से किया लेकिन दूसरे पक्ष ने कोई बिल जारी नहीं किया। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग को यह भी बताया कि वह 27 मार्च, 18 अप्रैल, 9 मई, 31 मई, 7 जून और 14 जून 2020 को आयुर्वेद सेंटर गई। उक्त तारीखों पर भी अलग-अलग राशि के भुगतान किए लेकिन आयुर्वेद सेंटर ने बिल नहीं दिया। उपभोक्ता आयोग की ओर से दूसरे पक्ष को मौका दिए जाने के बाद भी जबाव नहीं देने पर आयोग ने स्ट्रक ऑफ कर दिया।