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चंडीगढ़: पीयू में रोस्टर लागू नहीं, 1550 शिक्षकों और कर्मचारियों का मारा जा रहा हक

Mon, 03 Aug 2020 02:21 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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रिजर्वेशन के लिए रोस्टर हर जगह लागू हो गया लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी में आज तक इसका लाभ नहीं मिला है। इससे करीब 1500 शिक्षकों और कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। हर छह माह में एक रोस्टर प्रस्तुत किया जाता है, मगर वह नियमों का पालन ही नहीं कर पाता। टीचर्स की सीटों के बंटवारे के लिए पुराना एक रोस्टर बना हुआ है, लेकिन उसको लागू करने में पीयू की सिंडिकेट व सीनेट बहाने बनाने लगती है।

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हालांकि पीयू प्रशासन रोस्टर बनाने का दावा कर रहा है, लेकिन अब लागू नहीं हो पा रहा। क्या दिक्कतें अब आ रही हैं, यह भी बताने को तैयार नहीं हैं। इसमें लगातार हो रही देरी में 1550 से अधिक शिक्षक व कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। सीटें निर्धारित नहीं होने के कारण उनकी भर्तियां भी नहीं हो पा रही हैं। इससे इनमें आक्रोश पनप रहा है।

शिक्षण संस्थानों में सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी व डिसेबल की सीटें निर्धारित हैं। रिजर्व कैटेगरी को भी हर सातवीं सीट दिया जाना तय है, लेकिन पीयू में ऐसा अब तक नहीं किया गया। यहां 7000 शिक्षक व कर्मचारी काम कर रहे हैं। 22.50 फीसदी कोटा है, इस तरह 1550 से अधिक सीटें एससी एसटी को जानी हैं। इसके लिए पूर्व में रोस्टर बनाया गया लेकिन उसे लागू नहीं किया गया।
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इसी तरह कर्मचारियों का रोस्टर भी अभी अटका हुआ है। कई बार इसको लेकर मांग की गई मगर पीयू के जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हाल ही में सीनेट की बैठक में एक रोस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसकी जांच एसोसिएशन के लोगों ने की तो वह गलत पाया गया। डॉ. अजय रंगा समेत कई सदस्यों ने इस मामले को उठाया और पुराना रोस्टर लागू करने की मांग की थी। हालांकि सिंडिकेट की एक कमेेेटी रोस्टर बनाने में जुटी है लेकिन अब तक यह रोस्टर सामने नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि यह अगले साल ही सामने आएगा।

शिक्षकों और कर्मचारियों का मारा जा रहा हक
रोस्टर काफी पहले बना दिया गया था, लेकिन इसे लागू करने के लिए राजनीति की जा रही है। तमाम शिक्षकों और कर्मचारियों का हक मारा जा रहा है। रिजर्व कैटेगरी के शिक्षकों को हक दिलाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। नया रोस्टर भी बनाने का दावा किया जा रहा है लेकिन सामने नहीं आया। - डॉ. अजय रंगा, सीनेट सदस्य

आरपार की लड़ाई लड़ेंगे
पीयू की नियत में खोट है, इसलिए अब तक रोस्टर लागू नहीं किया जा सका। तमाम बार कर्मचारियों की इस मांग को प्रमुखता से उठाया गया। अब इसके लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। - हरप्रीत सिंह, प्रधान, एससी, एसटी, ओबीसी एसोसिएशन

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