चंडीगढ़। इस वर्ष रोज फेस्टिवल प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा और इसका आयोजन 26 से 28 फरवरी तक होगा। इसके लिए प्रमुख लोगों को ई-कार्ड भेजे जाएंगे। कार्यक्रम में कोरोना योद्धा कर्मचारियों, आरडब्ल्यूए व सामाजिक संगठनों के लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। वहीं, आयोजन पर जो राशि खर्च की जाती थी, उसे इस बार रोज गार्डन के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
नगर निगम में सोमवार को रोज फेस्टिवल के लिए गठित कमेटी की बैठक हुई। इसमें चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। मेयर रविकांत शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सदस्यों ने कहा कि रोज फेस्टिवल शहर की पहचान है। इसका आयोजन न किया जाना, ठीक नहीं होगा, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए भीड़ भी जुटाना ठीक नहीं। इसलिए इस कार्यक्रम में पहले की तरह प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं किया जाएगा। चॉपर भी इस बार नहीं उड़ेगा। हालांकि कुछ कार्यक्रम जैसे हास्य कवि दरबार व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं, हर वर्ष जो राशि आयोजन पर खर्च की जाती थी, उस राशि को रोज गार्डन के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। इसके लिए इंजीनियरिंग व बागवानी विभाग के अधिकारियों से एजेंडा तैयार करने को कहा गया। बैठक के दौरान सदस्यों ने कहा कि गार्डन में पहले जो गुलाबों की चादर बिछी रहती थी, वह अब नहीं दिखती है इसलिए फूलों की बेहतर प्रजाति के लिए काम होना चाहिए। बैठक में कमेटी के सदस्य आशा कुमारी जसवाल, शक्ति प्रकाश देवशाली, अनिल कुमार दुबे, गुरबख्श रावत, शिप्रा बंसल के अलावा अतिरिक्त आयुक्त तिलकराज, एसई बागवानी केपी सिंह मौजूद रहे।