1962 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल पद की जिम्मेदारी डॉ. इंद्रजीत दिवान ने संभाली और वह दो साल इस पर बने रहे। इसके बाद यह पद छह साल डॉ. प्रेम चंद्रा ने संभाला। फिर इस पद को डायरेक्टर प्रिंसिपल में बदल दिया गया। इस पद पर डॉ. केएन नारंग, डॉ. जीसी मेहरोत्रा, डॉ. केएन गर्ग, डॉ. जेसी मेहरोत्रा, डॉ. सी प्रकाश ने 1976 से 1988 की अवधि में काम संभाला।
1989 से 2001 के बीच डॉ. आरके केसवानी, डॉ. एएल जैन, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. एसएस सैनी, डॉ. सुशीला राठी, डॉ. एसएस यादव, डॉ. एसबी सिवाच, डॉ. डीएस दुबे ने यह पद संभाला। सात दिन के लिए अमित चौधरी आईएएस अधिकारी ने इस पद को संभाला और फिर यह सीट डॉक्टर को मिल गई। 2001 में डॉ. डीआर यादव के पास यह जिम्मेदारी रही।
इसके बाद 2002 से 2005 तक डॉ. मेजर जरनल पूनिया इस पद पर नियुक्त रहे। मेजर पूनिया के बाद डॉ. एनसी वधवा आईएएस अधिकारी ने इस पद पर कार्य किया और बाद में यह जिम्मेदारी फिर डॉ. डीआर यादव को मिल गई। 2006 से 2009 तक यह पद फिर डॉ. एसएस सांगवान के पास रहा और वह बाद में मेडिकल कॉलेज के हेल्थ विवि बनाए जाने पर कुलपति बन गए।
डॉ. सांगवान के स्थान पर डॉ. चांद सिंह ढुल को निदेशक पद की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने 2009 से 2015 तक यह पद संभाला। इसके बाद 2015 से 2018 तक डॉ. रोहतास कंवर यादव, डॉ. केबी गुप्ता, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. रोहतास कंवर यादव, डॉ. एमसी गुप्ता, डॉ. नित्यानंद शर्मा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उसके बाद बतौर कार्यकारी निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव काम देख रहे थे।