रोहतक में रोडवेज बस में कथित छेड़छाड़ और मारपीट प्रकरण से चर्चा में आईं रोहतक सिस्टर्स ने मोगा कांड पर पहली बार बयान दिया।
रोहतक में जिला कोर्ट पहुंची दोनों बहनों पूजा और आरती ने कहा कि मोगा कांड की तरह उस लड़की जैसे मरना ठीक है क्योंकि जब आप मनचलों का विरोध करते हैं तो समाज में आपका जीना मुश्किल हो जाता है। कॉलेज जाती हैं तो आते-जाते लोग उनपर टिप्पणियां करते हैं।
महिला गवर्नमेंट कॉलेज, रोहतक में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा पूजा ने कहा कि अब तो आरोपियों को सजा दिलाने की बजाए उनके कॉलेज की परफार्मेंस देखी जा रही है कि उनका कॉलेज में व्यवहार कैसा है?
जांच के नाम पर अजीबो गरीब सवाल पूछे जाते हैं। इस तरह के सवाल कई बार उन्हें निराश कर जाते हैं और ऐसा लगता है कि उन्होंने बस में लड़कों का विरोध कर न जाने कितनी बड़ी गलती कर दी है।
हालांकि वे दोनों लोगों द्वारा किए कटाक्ष आदि को नजरअंदाज करती हैं लेकिन इससे उनको मानसिक काफी दुख होता है जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ये पुरुष प्रधान समाज है यहां महिलाओं की आवाज को दबा दिया जाता है। आरती ने कहा कि अच्छा होता कि हमें भी मोगा कांड के जैसे बस से गिरा कर मार दिया जाता।