छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर जिले के पामेड़ क्षेत्र में बुधवार शाम को लैंडमाइन की चपेट में आने से रोहतक के गांव बोहर का 30 वर्षीय जवान सतपाल शहीद हो गया। जबकि सर्च अभियान में शामिल दूसरा जवान घायल है। गुरुवार शाम तक छतीसगढ़ से पार्थिव शरीर हवाई जहाज से दिल्ली आने की संभावना है। वहां से पार्थिव शरीर सड़क मार्ग के रास्ते रोहतक लाया जाएगा। शहीद के परिजन छतीसगढ़ रवाना हो चुके हैं।
सतपाल के बड़े भाई एवं सीआरपीएफ में ही तैनात ललित कुमार ने बताया कि वे तीन भाई हैं। एक भाई कोलकता स्थित रिफाइनरी में कार्यरत है। पिता फूल सिंह 2015 में खुफिया विभाग से रिटायर हुए थे। सबसे छोटा भाई 2012 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती हाल में छतीसगढ़ के बीजापुर में की गई थी।
पता चला है कि बुधवार को सीआरपीएफ की एक टीम अपने कैंप से चिंताबगु नदी के पास सर्च अभियान पर निकली थी। कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर ही अचानक सतपाल का पैर नक्सिलियों के लैंडमाइन पर आ गया। जोरदार धमाके में सतपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल कैंप में लाया गया, जहां सतपाल ने अंतिम सांस ली। बड़े भाई ललित ने बताया कि सतपाल शादीशुदा है। उसके दो बच्चे हैं। एक की उम्र छह साल तो दूसरे की उम्र चार साल है।