बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि शहर में 65 कंटेनमेंट जोन और 30 नए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करने पर कोरोना काल में अब तक शहर में कुल 58000 लोगों का चालान काटा गया है। इस दौरान प्रशासक बदनौर ने तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर चिंता जताई।
उन्होंने चिकित्सा कर्मियों व फ्रंटलाइन कर्मचारियों को आदेश दिए कि वह जल्द वैक्सीन लगवाएं, क्योंकि हो सकता है आने वाले दिनों में यह सुविधा उनके लिए उपलब्ध न हो। प्रशासक ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए कि वे शहर में कोरोना के जांच में तेजी लाए। आने वाले दिनों में मंदिरों और गुरुद्वारों के बाहर भी कोरोना जांच करने वाली गाड़ियां को भेजने का निर्देश दिया है।
अस्पतालों में दवाई, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर का पर्याप्त स्टॉक रखने के आदेश
प्रशासक ने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विभिन्न सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, ऑक्सीजन सिलेंडर, टीके, पीपीई किट, वेंटिलेटर आदि का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हो। खराब हो रहे वैक्सीन की समस्या पर भी प्रशासक ने चिंता जताई। उन्होंने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वैक्सीन की बर्बादी न हो।
बैठक में पिछले साल की तरह दिन के हिसाब से बाजारों में दुकानों को खोलने और बंद करने पर भी विचार किया गया। हालांकि आर्थिक नुकसान को देखते हुए इस फैसले को टाल दिया गया। प्रशासक ने शहर के आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, एनजीओ और नेताओं से आग्रह किया कि वह सभी प्रशासन की कोरोना से लड़ने में मदद करें।