हरियाणा में रोडवेज कर्मचारी एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने इस बार आंदोलन किलोमीटर स्कीम को रद्द कराने के लिए शुरू किया है। शुक्रवार को कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने सभी डिपो और सब डिपो में अपनी मांगों को लेकर दो घंटे विरोध-प्रदर्शन किया। 05 जुलाई से कमेटी नागरिक सम्मेलनों में परिवहन विभाग की निजीकरण की नीतियों की पोल खोलेगी।
कमेटी के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया, वीरेंद्र सिंह धनखड़, पहल सिंह तंवर, दलबीर किरमारा, आजाद गिल, अनूप सहरावत व दिनेश हुड्डा ने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का निर्णय सरकार तत्काल प्रभाव से रद्द करे। किलोमीटर स्कीम की जांच विजिलेंस की बजाए हाईकोर्ट के सीटिंग जज व सीबीआई से करवाई जाए।
भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। परिवहन विभाग में सरकारी बसों में बढ़ोतरी हो। निजीकरण व ठेका प्रथा बंद की जाए। हड़ताल के दौरान किए गए नाजायज निलंबन, मुकदमे, तबादले, एस्मा व अन्य उत्पीड़न की कार्रवाई वापस ली जाएं। हड़ताल के दौरान के वेतन का भुगतान करें। ठेके पर भर्ती कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
सभी कर्मचारियों को 5000 रुपये जोखिम भत्ता दें। 2003 से पहले भर्ती कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करें। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी डिपो में नागरिक सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। नागरिक सम्मेलन में जन संगठनों व ट्रेड यूनियनों के अलावा जन प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं व आम जनता की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाएगी। 20 अगस्त को तालमेल कमेटी का प्रांतीय मास डेपुटेशन चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगा।