पानीपत। शहर में बढ़ रहे वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए रोडवेज भी आगे आ गया है।
डीजल से चलने वाली बसों से शहर में होने वाले ध्वनि व वायु प्रदूषण को कम करने के लिए डिपो के प्रशासनिक अधिकारी समय समय पर स्वयं ही बसों की जांच कर प्रदूषण में कमी लाने का प्रयास करेंगे।
विभाग का मानना है कि शहर में वाहनों की अत्यधिक संख्या होने के कारण वायु प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रही है।
इससे वायुमंडल की प्राणदायिनी ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट आई है। रोडवेज ने भविष्य में वायु प्रदूषण से होने वाले समस्या से निपटने के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
विभाग की ओर से सभी डिपो प्रशासनिक अधिकारियों को अपने डिपो की बसों की ध्वनि व वायु प्रदूषण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा प्रदेश के सभी डिपो प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए देहरादून में आयोजित एक सेमिनार में प्रशिक्षण भी दिलाया था, जिससे कि वे अपने डिपो के सभी चालक और परिचालकों को वह जानकारी प्रदान कर सकें।
रोडवेज ने पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाने के लिए अपनी सभी बसों की ध्वनि और वायु प्रदूषण की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह जांच अब डिपो के प्रशासनिक अधिकारी स्वयं करेंगे। इसके लिए विभाग ने सभी डिपो के प्रशासनिक अधिकारियों को देहरादून में प्रशिक्षण भी दिलवाया है।
विभाग ने इस योजना को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। जो चालक और परिचालक हर माह अपनी बस की वायु व ध्वनि प्रदूषण की जांच नहीं कराएंगे। विभागीय जांच के दौरान प्रदूषण की मात्रा अधिक मिलने पर संबधित के खिलाफ होगी कार्रवाई।
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा हर तीन माह बाद वाहन की ध्वनि और वायु प्रदूषण जांच कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन रोडवेज ने अब यह अवधि कम करते हुए हर माह जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। जिससे पर्यावरण में ऑक्सीजन स्तर में भी गिरावट आई है। रोडवेज द्वारा पर्यावरण की शुद्धता को बनाए रखने के लिए इस योजना की शुरूआत की गई है।
सुलतान सिंह, जीएम रोडवेज डिपो पानीपत