चंडीगढ़। रिवॉल्यूशनरी मार्कसिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (आरएमपीआई) ने दिसंबर महीने में बिजली विभाग को निजीकरण करने के फैसले की निंदा की है। पार्टी ने प्रशासक के सलाहकार को पत्र लिखा है। आरएमपीआई ने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को लिखे पत्र में बिजली विभाग को निजीकरण के फैसले पर दोबारा से विचार करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि शहर के लोग इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे।
पार्टी के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह और सचिव सज्जन सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन स्वयं बिजली नहीं बनाती। बिजली विभाग सेंट्रल इलेक्टिसिटी अथॉरिटी और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड से खरीदती है। शहर में दो लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग के निजीकरण के कारण शहर के लोगों को महंगी बिजली मिलेगी। इसे प्राइवेट हाथों में देना देश और शहर के हित में नहीं होगा।