हरियाणा सरकार ने पात्र व्यक्तियों को सेवा के अधिकार से संबंधित मामलों में अधिसूचित समय के भीतर सेवाएं देने के लिए हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम अधिसूचित किया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अधिनियम की धारा 12 के तहत गठित हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की सिफारिशों पर राज्य सरकार सेवाएं तथा समय सीमा अधिसूचित करेगी। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत नामित अधिकारी, प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
इस अधिनियम के तहत पात्र व्यक्ति को कोई भी सेवा प्राप्त करने के लिए नामित अधिकारी को पूर्ण रूप से भरा आवेदन देना होगा। अधिकारी आवेदन की प्राप्ति पर निर्धारित समय के भीतर सेवाएं प्रदान करेगा या आवेदन रद्द कर सकता है। आवेदन रद्द करने के मामले में उसे लिखित रूप से उसके कारण देने होंगे।
इस बारे में आवेदक को सूचित करना होगा। निर्धारित समय सीमा नामित अधिकारी द्वारा सेवा के लिए आवेदन प्राप्त होने की तिथि से शुरू होगी।
ऐसे पात्र व्यक्ति जिसका आवेदन रद्द कर दिया गया है या जिसे निर्धारित समय अवधि के भीतर सेवा उपलब्ध नहीं करवाई गई है, वे आवेदन रद्द होने की तारीख से या निर्धारित अवधि के खत्म होने से 30 दिनों के भीतर प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी को अपील कर सकते हैं।
अपील प्राप्त होने पर प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी मामले पर विचार करेगा और यदि उसके अनुसार पात्र व्यक्ति की शिकायत सही होगी तो वह पदनामित अधिकारी को 7 कार्य दिवसों के भीतर या उस द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर सेवा प्रदान करने के निर्देश दे सकते हैं।