हरियाणा की खट्टर सरकार ने अपने मंत्रियों को ए व बी श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों का भी अधिकार दे दिया है। सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में भारतीय प्रशासनिक सेवा और हरियाणा प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को छोड़कर बाकी कर्मियों की ट्रांसफर अपनी मर्जी के मुताबिक कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लोगों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया है। इससे मंत्री भी अपने विभागों में मनमर्जी के कर्मचारी लगा सकेंगे। मंत्रियों को तबादलों का अधिकार 15 मई तक दिया गया है।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के अधिकारियों की ट्रांसफर की पावर सीएम ने पहले ही बीते सप्ताह मंत्रियों को सौंप दी थी। अब प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मियों का अधिकार मिलने से लगभग एक महीने तक मंत्रियों के कार्यालयों और कोठियों पर अच्छी पोस्टिंग के लिए कर्मचारियों का जमावड़ा लगा रहेगा।
विधायकों की भी अच्छी खासी चलने की उम्मीद
सीएम मनोहर लाल
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चूंकि हर ए और बी श्रेणी का राजपत्रित कर्मचारी विभागों में अच्छी कुर्सी पाना चाहेगा। इसमें विधायकों की भी अच्छी खासी चलने की उम्मीद है। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए मंत्रियों को अपने-अपने विभागों में श्रेणी ए से डी तक कर्मचारियों के तबादलों का अधिकार 15 मई तक दिया गया है। यह व्यवस्था पहले से चली आ रही है।
क्लास-वन में आने वाले कर्मचारी : बीडीओ, तहसीलदार/तालुकदार/सहायक कलेक्टर, उत्पाद शुल्क और कराधान अधिकारी, जिला रोजगार अधिकारी, जिला खजाना अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सोसायटी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी/नियंत्रक, पदोन्नत अतिरिक्त निदेशक/संयुक्त निदेशक/सहायक निदेशक/ उपनिदेशक, एसडीआ/एक्सईएन/एससी/चीफ इंजीनियर, प्रिंसिपल, कॉलेज-यूनिवर्सिटी प्रवक्ता और डॉक्टर।
क्लास-टू कर्मचारी : अधीक्षक, अनुभाग अधिकारी, कॉलेज-स्कूल शिक्षक, जेई और हेडमास्टर।