SYL को लेकर पहली बार केंद्र सरकार के दखल के बाद दोनों राज्यों के बीच सचिव स्तर पर बैठक हो रही है। इस बैठक में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारत भी मौजूद रहेंगी। एसवाईएल के मुद्दे पर वीरवार को नई दिल्ली में होने वाली अहम बैठक के लिए पंजाब सरकार ने अपना एजेंडा तय कर लिया है। हरियाणा की ओर से एसवाईएल की मांग को स्पष्ट तौर पर नकारा जाएगा। साथ ही पंजाब यहां की नदियों में पानी की उपलब्धता की पड़ताल करने की मांग करेगा।
केंद्र सरकार ने एसवाईएल मामले में दस अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके सुनवाई की तारीफ बारह से आगे बढ़ाने की मांग की थी। केंद्र की दलील थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीस अप्रैल को पंजाब और हरियाणा की बैठक बुलाई है।
मोदी के मध्यस्थता के एलान के बाद वीरवार को केंद्र, पंजाब और हरियाणा के बीच अधिकारी स्तर की पहली बैठक होगी। केंद्र की कोशिश होगी कि इसमें कुछ मुद्दों पर सहमति बन जाए ताकि बाद में पीएम की पंजाब व हरियाणा के सीएम के साथ होने वाली बैठक में विवाद को सुलझाया जा सके।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय जल संसाधान, नदी विकास और गंगा रिजुविनेशन मंत्रालय के सचिव अमरजीत सिंह मीटिंग की प्रधानगी करेंगे। पंजाब की ओर से मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू और सिंचाई विभाग के अधिकारी मीटिंग में हिस्सा लेंगे।