स्थायी लोक अदालत ने नेशनल कंज्यूमर अवेयरनेस ग्रुप ऑफ सोसाइटी के चेयरमैन पीजेएस मेहता एवं गवर्निंग बॉडी को आदेश दिया है कि वह सोसाइटी की जमीन बेचकर सदस्यों को रकम वापस करें।
अजय कुमार आदि ने लोक अदालत में दी शिकायत में कहा था कि पीजेएस मेहता ने सोसाइटी का गठन किया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री राम जेठमलानी इसके पैट्रन-इन-चीफ बनाए गए थे। सोसाइटी के 585 मेंबरों को जमीन खरीद कर फ्लैट देने का भरोसा दिया गया था।
हर मेंबर से ढाई से साढ़े तीन लाख रुपये लिए गए थे। सोसाइटी ने सेक्टर 91 में 16 एकड़ जमीन खरीदी, परंतु तकनीकी कारण बताते हुए फ्लैट नहीं बनाए गए। काफी समय बीतने के बाद मेंबरों ने जमीन बेच कर उनकी रकम वापस करने की मांग की, परंतु पदाधिकारियों ने कुछ नहीं किया।
सोसाइटी की जनरल बॉडी की मीटिंग में जमीन बेचने का अधिकार पीजेएस मेहता को दिया गया। परंतु कुछ नहीं हुआ। मेहता ने अपनी दलील में कहा कि जमीन सोसाइटी द्वारा खरीदी गई थी, परंतु वहां फ्लैट नहीं बनाए जा सकते थे।
उन्होंने माना कि जमीन बिकने पर मेंबरों को ब्याज सहित रकम वापस की जाएगी। परंतु यह साफ नहीं कर सके कि जमीन कब तक बिकेगी। अदालत ने सोसाइटी को जमीन बेच कर मेंबरों को रकम लौटाने के आदेश दिए हैं।