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पुलिस का दावा, झूठ बोल रहे हैं रिटा. डीजीपी

Sat, 11 Jan 2014 12:28 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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ड्रग पैडलर के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डीजीपी शशिकांत के अपहरण की कोशिश की खबर ने शहर में खलबली मचा दी।
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शशिकांत ने शुक्रवार सुबह पंजाब सरकार और पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसका सेक्टर-18 में अपहरण करवाने का प्रयास किया है।

शशिकांत की शिकायत पर सेक्टर-19 पुलिस ने डीडीआर दर्ज कर ली है। हालांकि शाम को एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि शशिकांत की शिकायत गलत पाई गई। इसकी जानकारी उन्हें दे दी गई।

इस बीच पंजाब पुलिस ने विज्ञप्ति जारी करते हुए दावा किया कि शशिकांत की शिकायत झूठी है और उन्होंने माफी मांग ली है। लेकिन इस बारे में जब शशिकांत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सब झूठ है। उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी। उनकी शिकायत बिलकुल सही है।
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शशिकांत ने शिकायत दी कि शुक्रवार सुबह उनके निवास स्थान के आसपास करीब दो दर्जन पंजाब पुलिस के जवान तैनात थे। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल में दी।

चंडीगढ़ पुलिस के पहुंचने पर पंजाब पुलिस के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। हालांकि चंद दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब पुलिस के चार मुलाजिमों को राउंडअप किया। इनमे दो मोहाली पुलिस के कर्मचारी थे।

उन्हें पूछताछ के बाद सेक्टर-19 की पुलिस ने छोड़ दिया। वहीं अन्य दो कर्मचारी सीआईडी के कर्मचारी हैं जिनका कार्यालय सेक्टर-22 में है। पुलिस ने उन्हें भी पूछताछ के बाद दोपहर को छोड़ दिया।

पंजाब पुलिस के इन कर्मियों को किया राउंडअप
जिन कर्मचारियों को राउंडअप किया गया था, उनमें इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह, एसआई चरण सिंह, एसआई संतोख सिंह और चरणजीत सिंह का नाम शामिल है।

मोहाली के सब इंस्पेक्टर बोले- हम तो कार की तलाश में आए थे
मोहाली पुलिस के स्पेशल सेल के प्रभारी एवं सब इंस्पेक्टर संतोख सिंह का कहना है कि उनके यहां पर वीरवार को एक गाड़ी दूसरी गाड़ी को टक्कर मार कर फरार हो गई थी।

उन्हें जानकारी मिली कि गाड़ी सेक्टर-18 में आई हुई है। इसकी तलाश में वे यहां पर आए थे। वहां एक जगह पर सीआईडी के जवान पहले से तैनात थे जिन्हें मिलने के लिए वे खड़े हो गए।

कार लाने किसी ओर को भेजा 
पुलिस ने चार कर्मचारियों को राउंडअप किया तो शशिकांत के निवास स्थान के पास एक आईटी-20 कार रह गई थी। यह कार मोहाली पुलिस के कर्मचारियों की थी।

जब कर्मचारी सेक्टर-19 के पुलिस थाने में थे, उन्होंने सेक्टर-33 निवासी आशीष को यह कार लेने के लिए भेजा। आशीष जब कार लेने के लिए आया तो पूर्व डीजीपी शशिकांत ने उसे कार लेकर नहीं जाने दी। उन्होंने मौके पर फिर से पुलिस बुला ली। बाद में पुलिस ने मुलाजिमों को कार सौंप दी।

मुझे एसएसपी पर विश्वास नहीं : शशिकांत
शशिकांत ने मौके पर ही आईजी आरपी उपाध्याय को फोन करके घटना की जानकारी दी। रिटायर्ड डीजीपी ने आईजी को बताया कि पंजाब पुलिस के जवान उनका अपहरण करने के लिए घर के पास आए थे।

एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल पर उन्हें विश्वास नहीं है। गिल पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्यादे है। इस मौके पर शशिकांत ने पंजाब के वर्तमान डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ भी रोष व्यक्त किया।

आईजी को मिलने पहुंचे 
रिटायर डीजीपी को शिकायत दर्ज करवाने के बाद जब डीडीआर की प्रति नहीं मिली तो वह शाम चार बजे पुलिस विभाग के आईजी आरपी उपाध्याय को मिलने के लिए सेक्टर-9 स्थित पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे।

रिटायर्ड डीजीपी की शिकायत पर गलत पाई गई। मैं पंजाब पुलिस के अफसरों के साथ उनके घर गया और उन्हें इसकी जानकारी दे दी गई।
- डॉ. सुखचैन सिंह, एसएसपी  

रिटायर्ड डीजीपी शशिकांत के आरोप
1. हादसे में मार डालने की लगातार मिल रहीं धमकियां
शशिकांत का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकी मिल रही है कि उनकी किसी हादसे में मौत करवा दी जाएगी।

2. मेरा फोन टैप करवाया जा रहा है 
रिटायर्ड डीजीपी शशिकांत ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को उन्होंने पटियाला मेें आम आदमी पार्टी को ज्वाइन करना था। पटियाला में समारोह में उन्होंने पंजाब में बिक रहे नशे को लेकर अपने संबोधन में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर वार करना था।

इसी कारण सरकार ने उनका अपहरण करवाने के लिए पंजाब पुलिस के जवान भेजे। पंजाब सरकार की ओर से उनका फोन टैप कराया जा रहा है। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

3. भोला के मजीठिया पर लगाए आरोप सही
उन्होंने बताया कि ड्रग तस्कर जगदीश भोला ने जो पंजाब के मंत्री बिक्रम मजीठिया पर आरोप लगाया है, वह सही है। उन्होंने कहा कि मजीठिया के इशारे पर ही ड्रग माफिया का धंधा हो रहा है।

अब भोला पर बयान बदलने का दबाव डाला जा रहा है। नौकरी पर रहते हुए भी उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाई। शशिकांत साल 2012 में पंजाब पुलिस से रिटायर हुए हैं।

4 . सरकार पुलिस के साथ मिलकर चला रही ड्रग का धंधा
शशिकांत ने बताया कि नशाखोरी के कारोबार में पंजाब के कई विधायक और मंत्री भी मिले हुए हैं। पंजाब सरकार ही पुलिस के साथ मिलकर ही ड्रग माफिया का धंधा चला रही है।

पंजाब पुलिस का दावा, माफी मांगी  
चंडीगढ़। पंजाब पुलिस का दावा है कि रिटायर्ड डीजीपी की ओर से जो अपहरण के प्रयास का आरोप लगाते हुए जो शिकायत दर्ज करवाई गई है, वह शिकायत गलत पाई गई है।

पंजाब पुलिस की ओर से जारी विज्ञिप्त में कहा गया है कि शुक्रवार शाम सवा पांच बजे एडीजीपी सिक्योरिटी कम लॉ एंड आर्डर एचएस ढिल्लों, एडीजीपी क्राइम जसमिंद्र सिंह और चंडीगढ़ के एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल रिटायर्ड डीजीपी शशिकांत के सेक्टर-18 के निवास स्थान पर गए।

डीजीपी सुमैध सिंह सैनी की ओर से उक्त अधिकारियों को भेजा गया था। वहां जाकर शशिकांत को बताया गया कि जो उनके द्वारा शिकायत दी गई थी, वह जांच में गलत पाई गई। पंजाब पुलिस का दावा है कि शशिकांत ने अपने इस व्यवहार के लिए माफी मांगी है।

इस बैठक में अधिकारियों की ओर से शशिकांत को बताया गया कि पंजाब पुलिस की ओर से पहले से उन्हें दो पीएसओ मुहैया करवाए गए हैं और भविष्य में इस प्रकार की घटना की कोई भी आशंका हो तो वह या फिर उनके पीएसओ कभी भी सिक्योरिटी विंग को संपर्क कर सकते हैं।

पंजाब पुलिस के अनुसार बैठक में शशिकांत ने अपनी कार के लिए एक चालक की मांग की लेकिन उनकी यह मांग खारिज कर दी गई है। बैठक की जानकारी पंजाब के डीजीपी को दे दी गई है।

शशिकांत ने पंजाब पुलिस के दावे झुठलाए
पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी शशिकांत ने पंजाब पुलिस के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अपने व्यवहार पर माफी मांग ली है और अपहरण की शिकायत झूठी है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की मौजूदगी में शशिकांत ने कहा कि उन्होंने कोई झूठी शिकायत नहीं की थी।

उनके सभी आरोप पूरी तरह से सत्य है। जांच करना पुलिस का काम है। उन्होंने उल्टा पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी डीडीआर पर अब तक पुलिस ने कोई काम नहीं किया है।
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आज जाकर पता चला कि आप आदमी का क्या दर्द होता है। रिटायर्ड डीजीपी के अपहरण की सूचना पर आप के नेता संजय सिंह उनके घर पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि वे शशिकांत के साथ हैं।
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