-जालंधर के सूर्या एन्क्लेव एक्सटेंशन के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान हुआ था घोटाला
-इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर में एसडीएम-कम-भूमि अधिग्रहण कलेक्टर पद पर थे संधू
-मुआवजा भुगतान के दौरान मूल लाभार्थियों के स्थान पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे
-
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। विजिलेंस ब्यूरो ने जालंधर स्थित सूर्या एन्क्लेव एक्सटेंशन के लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से 94.97 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के दौरान हुए 5.49 करोड़ के घोटाले के मामले में सेवानिवृत्त पंजाब सिविल सर्विसेज (पीसीएस) अधिकारी इकबाल सिंह संधू को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि उक्त अधिकारी उस समय एसडीएम-कम-भूमि अधिग्रहण कलेक्टर (एलएसी), इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर के पद पर तैनात थे।
विजिलेंस ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त जमीन के मूल मालिकों को मुआवजा भुगतान के दौरान मूल लाभार्थियों के स्थान पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
थाना नवी बारादरी जालंधर में 29 अक्तूबर, 2013 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद मामला जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो को स्थानांतरित कर दिया गया था।
जांच के दौरान यह पाया गया कि इकबाल सिंह संधू ने ट्रस्ट के अधिकारियों व कर्मचारियों और उनके परिचित मनजीत शर्मा निवासी अमन नगर (जालंधर) की मिलीभगत से मालिकों को मुआवजा वितरण के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे इसके बाद उन्होंने 3-4 दिनों में इन फाइलों का निपटारा कर दिया। उन्होंने फर्जी व्यक्तियों के नाम पर 5,49,18,523 रुपये के चेक जारी कर दिए गए, जबकि ये लोग वास्तव में मुआवजे के हकदार नहीं थे। रिटायर्ड एडीसी इकबाल सिंह संधू उक्त कथित आरोपी मनजीत शर्मा का बहुत करीबी है। संधू ने वर्ष 2012 में मनजीत को डीओ लेटर जारी किया था।
अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें नगर सुधार ट्रस्ट जालंधर के कर्मचारी मनजीत शर्मा समेत कई एडवोकेट और अधिकारी शामिल हैं। जांच के दौरान पीसीएस अधिकारी इकबाल सिंह संधू की शमूलियत पाई गई। बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आगे बताया कि आरोपी इकबाल सिंह संधू (पीसीएस) को आगे की पूछताछ के लिए रिमांड के लिए कल जालंधर की माननीय अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।