हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसएनपी) न लगाने पर चालान का मामला जिला अदालत में पहुंचने के बाद बुधवार को पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई हालाकि ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस ओर लिखित आदेश नहीं किए लेकिन वीरवार को होने वाली सुनवाई तक चालानों पर पाबंदी लगा दी गई है।
मालूम हो कि ट्रैफिक ने 17 जनवरी से चालान शुरू कर दिए गए है जो कि अब तक पुलिस ने 900 चालकों के चालान काट दिए है।
जिला अदालत ने वीरवार को सुनवाई की तारीख तय की है। उम्मीद है कि अदालत वीरवार को अरजी पर अपना फैसला सुना सकती है।
इस मामले में ग्लोबल हम्यून राइट के पदाधिकारी एवं वकील अरविद ठाकुर ने अरजी दाखिल की थी। अरविंद ठाकुर का कहना है कि बुधवार को उनकी संस्था के दो दर्जन पदाधिकारियों ने शहर में पुलिस की ओर से लगे नाके पर चेक किया और किसी को भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने का चालान नहीं काटने दिया।
ठाकुर ने अरजी में कहा है कि जिस तय सीरीज के वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं, उन वाहन के चालकों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आरएलए कार्यालयों में पूरा दिन लग जाता है पांच-पांच बार चक्कर लगाने के बाद वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग रही है। ऐसे में चालान पर छह माह तक पाबंदी लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से आधार कार्ड बनाने के लिए हर सेक्टर में कैंप लगते हैं उसी तरह से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए कैंप लगाने चाहिए।
वकील अरविंद ठाकुर का कहना है कि लोग छुट्टी लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए आ रहे हैं।