हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई समेत अन्य 25 कार्यकर्ताओं पर पुलिस सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत में हत्या के प्रयास की धारा साबित नहीं कर पाई।
अदालत ने कुलदीप बिश्नोई समेत अन्य 25 कार्यकर्ताओं से हत्या की धारा हटा दी।
मामले की सुनवाई अब इलाका मेजिस्ट्रेट के पास होगी। वहीं पर अब मामले का ट्रायल चलेगा। मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च तय की गई है।
गौरतलब है कि पांच मार्च 2010 को हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई समेत कई कार्यकर्ता कांग्रेस सरकार के खिलाफ हरियाणा विधानसभा का घेराव करने के लिए सेक्टर 25 स्थित रैली ग्राउंड में इकट्ठा हुए थे।
हजकां कार्यकर्ता विधानसभा जाने के लिए बैरिकेड्स तोडऩे लगे। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों पर पथराव भी हुआ। पुलिस ने इससे निपटने के लिए वाटर कैनन, टीयर गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
इस दौरान कुलदीप बिश्नोई की बाजू में फै्रक्चर आया था, जबकि कई पुलिस जवान घायल हो गए थे। हजकां कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए थे कि पुलिस जवानों ने उनकी गाडिय़ों के शीशे तोड़ दिए थे।
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने कुलदीप बिश्नोई और धर्मपाल मलिक समेत 25 कार्यकर्ताओं के खिलाफ रैली के दौरान दंगा फैलाने, तोडफ़ोड़ करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और हत्या के प्रयास मामले में केस दर्ज किया था। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की मौत हो चुकी है, जबकि एक भगौड़ा घोषित हो चुका है।