हरियाणा में बिजली वितरण प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए बिजली निगमों ने करीब चार हजार करोड़ की योजनाएं बनाई हैं।
यह जानकारी बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की परिचालन समीक्षा समिति की बैठक में दी।
उन्होंने कहा कि बिजली की मांग में निरंतर हो रही वृद्धि को पूरा करने के लिए बिजली वितरण ढांचे को जिला स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न योजनाएं तैयार की गई हैं।
वितरण निगम गर्मी और धान के मौसम में उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता की निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वचनबद्ध है। उसी के अनुरूप प्रसारण और वितरण प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है।
तकनीकी घाटे को कम करने के उपाय के संबंध में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वितरण लाइन, ट्रांसफार्मर या सब स्टेशन पर उसकी क्षमता से 70 प्रतिशत से अधिक भार (लोड) न हो।
इन पर 70 प्रतिशत भार होते ही क्षमता वृद्धि या सुधार की योजनाएं बनाकर स्वीकृत करवानी चाहिए। प्रबंध निदेशक ने कहा कि गलत मीटर रीडिंग या जान बूझकर गलत रीडिंग लेने के मामलों की निरंतर जांच जरूरी है।
इसी क्रम में हरियाणा एक्स सर्विस लीग के जेसीओ स्तर के अधिकारी भी मीटर रीडिंग की क्रास चेकिंग करेंगे। इससे बिल गलत आने की शिकायतों में कमी आएगी और कम रीडिंग लेने से निगम को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।