हरियाणा में रिहायशी इलाकों में चल रहे मैरिज पैलेसों पर कार्रवाई को लेकर सरकार ने ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार कर ली है। कंट्री एंड टाउन प्लानिंग विभाग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामे में यह जानकारी दी है।
हलफनामे में कहा गया है कि ड्राफ्ट पॉलिसी सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी है। इस पॉलिसी को मंजूरी मिलते ही ऐसे मैरिज पैलेसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने हलफनामे को रिकार्ड में लेकर मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
विभाग ने हाईकोर्ट में एक सर्वे रिपोर्ट भी पेश की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हरियाणा के 39 स्थानीय निकायों के सर्वेक्षण में पाया गया कि रिहायशी इलाकों और शिक्षण संस्थानों के पास 328 ऐसे मैरिज पैलेस चल रहे हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-42 की स्वयंसेवी संस्था गुरु प्रताप वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है। याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि हरियाणा में रिहायशी इलाकों, स्कूलों और कॉलेजों के समीप खोले गए मैरिज पैलेसों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं।
याचिका में पंजाब के मैरिज पैलेसों के मामले के हवाला देकर कार्रवाई का आग्रह किया गया है।