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पुरातत्वविद बोले, खुदाई में मिली सरस्वती, पानी 'जादुई'

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इसरो और नासा के सैटेलाइट चित्रों के आधार पर सरस्वती के बहाव क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिले पानी में 'जादुई' असर मानते हैं पुरातत्वविद। सरस्वती नदी शोध संस्थान के संस्थापक दर्शन लाल जैन का कहना है कि उन्होंने करीब छह महीने पहले आदिबद्री में सरस्वती नदी के उदगम स्थल से निकलने वाले पानी को बोतलों में रखा है। आज भी यह जल पूरी तरह स्वच्छ और पीने योग्य है।
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मुगलवाली और रूलाहेड़ी में जमीन से जो जल निकल रहा है, वह भी वैसा ही जल है जो सरस्वती नदी के उदगम स्थल से निकल रहा है। पुरातत्वविदों ने कहा कि यदि इस पानी का सही से इस्तेमाल किया जाए पूरे हरियाणा की प्यास बुझ सकती है और सिंचाई की समस्या भी समाप्त हो सकती है।

यह दावा पुरातत्वविदों ने मुगलवाली और रूलाहेड़ी गांव में खुदाई के दौरान मिले जल को देखकर किया है। उनका कहना है कि कम गहराई में नीली बजरी, चमकदार रेत और खनिज के मिश्रण वाला यह पानी कतई जमीन से नीचे निकलने वाला पानी नहीं है। मुगलवाली और रूलाहेड़ी गांव में जमीन के नीचे से जो जल निकल रहा है, वह सिर्फ पहाड़ों पर ही पाया जाता है।
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आक्सीजन और मिनरल की मात्रा काफी अधिक

मुगलवाली गांव का दौरा कर चुके भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षक जीएन श्रीवास्तव का कहना है कि इस पानी में आक्सीजन और मिनरल की मात्रा काफी अधिक है, जो सिर्फ पहाड़ों के पानी में ही होता है। उनका कहना है कि मुगलवाली गांव में जमीन से निकल रहे पानी में हिमालय पर पाए जाने वाले संगमरमर के पत्थर और पहाड़ों पर पाए जाने वाले अन्य पत्थर भी मिले हैं। ये पत्थर गोलनुमा हैं और काफी दूर से पानी के साथ बहकर यहां तक आए हैं। पानी में बहने से इनमें गोलनुमा कटाव हुआ है। इससे साबित होता है कि मुगलवाली और रूलाहेड़ी में निकलने वाला जल जमीन के नीचे का पानी नहीं है।

वहीं ज्यूलोजिकल सर्वे आफ इंडिया के भूतपूर्व डायरेक्टर डॉ. वीएमके पुरी आदिबद्री क्षेत्र और आसपास जमीन के नीचे बह रहे सरस्वती नदी पर शोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि सरस्वती नदी के बहाव क्षेत्र में जमीन के नीचे मौजूद प्राचीन जल मार्गों में अथाह पानी है। यदि इस पानी का सही तरह से दोहन किया जाए तो पूरे हरियाणा की पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है। पानी का भंडार इतना अधिक है कि इससे सिंचाई की समस्या का भी निदान हो जाएगा।
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पर्यटन क्षेत्र से खुलेंगे रोजगार के द्वार

मुगलवाली में खुदाई के दौरान सरस्वती नदी की धारा निकलने पर यहां लोगों का आना जारी है। शुक्रवार को साढौरा विधायक चौ. बलंवत सिंह व भिवानी जिले की बाढ़डा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखविंद्र माढी ने सरस्वती की पवित्र धारा के दर्शन किए।

उन्होंने मुगलवाली व रूलाहेड़ी में चल रही खुदाई का निरीक्षण भी किया। विधायक ने बताया कि सरस्वती नदी की पवित्र धारा का इस जगह से प्रकट होना हमारे क्षेत्र के लिए बड़े गौरव की बात है। सरस्वती नदी के धरा पर आने से बिलासपुर के मुगलवाली गांव व रूलाहेड़ी गांव का नाम विश्व के मानचित्र पर सुनहरे अक्षरों में अंकित हो गया है।

उन्होंने कहा कि सरस्वती की पवित्र धारा से जहां इस क्षेत्र का धार्मिक महत्व ओर अधिक बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन क्षेत्र से भी इस क्षेत्र का महत्व बढे़गा और इस क्षेत्र के युवाआें के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
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