चंडीगढ़। सेक्टर- 34 के बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता के कार्यालय के सामने बुधवार को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने रोष रैली की। कर्मचारियों ने दो घंटे काम बंद कर रोष प्रदर्शन किया। मांगे न माने जाने पर कर्मचारी 7 जुलाई को भी कार्य बहिष्कार कर रोष रैली करेंगे। यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने इंजीनियरिंग विभाग विशेष तौर पर बिजली विभाग के अधिकारियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। गाड़ी कंडम होने का बहाना बनाकर ड्राइवर को नौकरी से निकालने की बजाय उसे एडजस्ट करना चाहिए। समय पर नई गाड़ी का एस्टिमेट पास कराकर नई गाड़ी खरीदनी चाहिए। इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाही होनी चाहिए लेकिन अधिकारी टेंडर रहते हुए भी ड्राइवर को निकाल रहे हैं जबकि उसे दूसरे वाहनों पर लगाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि एक तरफ तो संशोधित पोस्टों पर रिटायर कर्मी रखे जा रहे हैं दूसरी तरफ पढ़े लिखे ठेके पर काम कर रहे ड्राइवरों की नौकरी छीनी जा रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यूनियन के वरिष्ठ उप प्रधान अमरीक सिंह, उप प्रधान सुखविंदर सिंह, पान सिंह, कश्मीर सिंह, अमित ढींगरा, राजेंद्र ठाकुर, विरेंद्र सिंहके अलावा तथा फेडरेशन के प्रधान रघबीर चंद, उप प्रधान हरकेश चंद व एम सुब्रहमण्यम ने रोष रैली को संबोधित किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नौकरी से निकालने को गाड़ी कंडम का बहाना किसी भी तरह उचित नहीं है। यूनियन के प्रधान ध्यान सिंह ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर वीरवार तक कर्मचारी को ड्यूटी पर नहीं लिया तो 7 जुलाई को पुनः कार्य बहिष्कार कर धरना देंगे।