फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: कलमछोड़ हड़ताल पर क्लर्क, दफ्तरों में नहीं हुए लोगों के काम

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्कों को 35400 वेतनमान देने की मांग को लेकर सभी विभागों के ज्यादातर क्लर्क हड़ताल पर रहे। सभी ने सेक्टर-5 स्थित धरनास्थल पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। काउज कोर कमेटी के जिला प्रधान मनोज और जिला कोर्डिनेटर हरिओम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी किसी भी पद का वेतनमान निर्धारण करने के लिए दस बिंदु की गाइडलाइन जारी की हैं। उसे देश में सभी राज्यों की सरकारों ने माना है परंतु हरियाणा सरकार ने लिपिक वर्ग के लिए इन बिंदुओं का क्रियान्वयन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सभी लिपिकों का न्यूनतम वेतनमान 19900 की कैटेगरी में रखा गया है जबकि ये लोग 35400 की सम्मानजनक मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर अब भी उनकी इस मांग पर कोई सुनवाई नहीं की तो आगामी आंदोलन की तैयारी कर सरकार के खिलाफ सभी लिपिक बड़ा फैसला ले सकते हैं। सीएडब्ल्यूएस (क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा) के बैनर तले करीबन 114 विभागों के 200 से अधिक लिपिक प्रदर्शन में शामिल हुए।
मांग पूरी न होने तक जारी रखेंगे हड़ताल
प्रवक्ता सोमदत्त ने कहा कि 18 जून को करनाल में लिपिकों का वेतनमान 19900 से बढ़ाकर 35400 रुपये किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी दौरान मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को चार जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। करनाल प्रदर्शन के दौरान सीएम के साथ चंडीगढ़ में बैठक करवाने का आश्वासन मिला था लेकिन अभी तक उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उस दौरान लिपिकों ने चेतावनी दी थी कि यदि चार जुलाई तक वेतनमान बढ़ोतरी की मांग नहीं मानी गई तो पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वह कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। इस अवसर पर सुरेश, संदीप, राकेश, कुलबीर, सोमबीर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन


काम के लिए आए लोगों को हुई परेशानी
कलमछोड़ हड़ताल का सबसे ज्यादा असर डीसी ऑफिस, शिक्षा विभाग और पब्लिक हेल्थ में रहा। यहां कुर्सियां खाली रहीं और काम के लिए आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि मौसम खराब रहने के कारण बहुत ही कम लोग सरकारी कार्यालयों में पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें