चंडीगढ़। पीयू में तीन साल से शोध कर रहे विद्यार्थियों को पीयू आने की अनुमति दे सकती है। इसके लिए मंथन चल रहा है। कमेटी की ओर से अंतिम निर्णय के बाद इन्हें बुलाया जाएगा।
पीयू में 500 से अधिक रिसर्च स्कॉलर हैं। इन सभी के शोध कार्य छह माह से प्रभावित चल रहे हैं। कोरोना के कारण इन्हें पीयू में आने की अनुमति नहीं दी गई है। गाइड आदि नहीं मिलने के कारण उनकी दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसी को लेकर छात्रों व रिसर्च स्कॉलर ने पीयू प्रशासन को ज्ञापन दिया था। साथ ही शिक्षकों ने भी पीयू पर दबाव बनाया है। सूत्रों का कहना है कि पीयू इसी माह में रिसर्च स्कॉलर को आने की हरी झंडी दे देगी लेकिन पहले चरण में तीन साल से शोध कार्य में जुटे लोगों को बुलाया जाएगा। दूसरे चरण में अन्य रिसर्च स्कॉलर को आने की अनुमति दी जाएगी। पीयू यह इसलिए कर रही है ताकि पीयू में एक साथ भीड़ न जुटे। इसके अलावा मास्टर डिग्री के साथ-साथ शोध में जुटे विद्यार्थियों को भी बुलाने के बारे में पीयू योजना बना रही है। सूत्रों का कहना है कि अक्तूबर से ही शिफ्टवाइज पीयू आने की अनुमति दी जा सकती है। शिक्षकों ने भी पीयू प्रशासन को पत्र लिखे हैं ताकि शोध कार्य शुरू हो सकें।