देश में अब भगवान राम और भगवान वाल्मीकि पर रिसर्च की जाएगी। इसके लिए रिसर्च सेंटर खुलने जा रहा है, मौखिक मंजूरी मिल गई है। पंजाब सरकार ने श्री रामतीर्थ पर भगवान वाल्मीकि रिसर्च पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज व रिसर्च सेंटर बनाने का विचार कर रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस प्रोजेक्ट को मौखिक मंजूरी दे दी है, हालांकि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने अभी बाकी हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार भगवान वाल्मीकि तीर्थ पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने यह प्रस्ताव विधायक डॉ. राजकुमार वेरका रखा था। डॉ. वेरका कहते हैं कि अमृतसर गुरु नगरी है। इतिहास कहता है कि भगवान श्रीराम ने जब देवी सीता का त्याग किया था, तब देवी सीता अयोध्या से श्री रामतीर्थ आ गई थीं। यहीं पर सीता की रसोईं आज भी है और भगवान वाल्मीकि का स्थल भी।
ऐसे में रिसर्च सेंटर खुलने के बाद देश-विदेश से स्टूडेंट्स भगवान वाल्मीकि और भगवन राम के जीवन पर यहां रिसर्च कर सकेंगे। डॉक्टर वरेका ने मुख्यमंत्री से दलितों की परेशानियों और हालात को जानने और उनकी रक्षा के लिए कमीशन भी बनाने की अपील की है, जिस पर सीएम ने मंजूरी दे दी है।