मोहाली और चंडीगढ़ की बाउंड्री लाइन का पुनर्निर्धारण करने के लिए दोनों शहरों के मेयरों ने सहमति दे दी है। मोहाली और चंडीगढ़ की बाउंड्री लाइन का पुनर्निर्धारण करने के लिए दोनों शहरों के मेयरों ने सहमति दे दी है। मंगलवार को पहली बार हुई ट्राइसिटी के मेयरों की बैठक में तीनों नगर निगमों की एक काउंसिल भी गठित कर दी गई।
काउंसिल में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर और चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है। काउंसिल की अगली बैठक मोहाली में होगी। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में मेयर अरुण सूद और मोहाली के मेयर कुलवंत सिंह ने कहा कि दोनों शहरों की सीमाएं आड़ी टेढ़ी हैं, उनका नए सिरे से निर्धारण करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इसके बदले जितनी जमीन दूसरे शहर को दी जाएगी उतनी ही जमीन मिलनी चाहिए।
चंडीगढ़ को 265 और मोहाली को 235 हेक्टेयर जमीन मिलेगी
बाउंड्री लाइन ठीक करने के लिए मोहाली को 265 हेक्टेयर जमीन चंडीगढ़ को देनी होगी, जबकि चंडीगढ़ से मोहाली को 235 हेक्टेयर जमीन मिलेगी। लेकिन इस पर अंतिम फैसला चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार क ो करना है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ में जो स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत लाइसेंस बनाए जाएंगे उन्हे आधार के साथ लिंक किया जाएगा ताकि कोई भी फड़ी एक जगह से बनवाने के बाद दूसरी जगह डुल्लीकेट लाइसेंस नहीं बनवा सकता है।
डाग स्टरलाइजेशन से मोहाली के मेयर संतुष्ट नहीं
मोहाली में डॉग स्टरलाइजेशन से मेयर कुलवंत सिंह संतुष्ट नहीं हैं। हालाकि वहां पर एक डॉग के स्टरलाइजेशन पर 1200 रुपये का खर्च पड़ रहा है। हालांकि मोहाली की सफाई व्यवस्था पर चंडीगढ़ के मेयर अरुण सूद और पंचकूला की मेयर ने भी तारीफ की। मोहाली में सफाई व्यवस्था निजी हाथों में है। बैठक में आवारा पशुओं के मसले पर भी चर्चा हुई।
सड़क को किया जाए चौड़ा
प्रेसवार्ता में पंचकूला की मेयर उपेंद्र कौर वालिया ने कहा कि बैठक में चंडीगढ़ से पंचकूला का रूट नंबर-2 (वाया हल्लोमाजरा) है, उसमें पंचकूला की इंडस्ट्रियल एरिया की सीमा पर पहुंचते है तो सड़क तंग हो जाती है, क्योंकि उसके साथ इमारत बनी हुई है। उनका कहना है कि इस बारे में सरकार को लिखा जाएगा कि साथ की जगह का अधिग्रहण करके चंडीगढ़ से आने वाली सड़क के बराबर चौड़ा किया जाए। उन्होंने बताया कि पंचकूला सेक्टर-19 की तरफ जो नाला है, उस पर पंजाब के लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। मोहाली के मेयर ने आश्वासन दिया कि जीरकपुर की नगर काउंसिल से बात की जाएगी।
आपातकालीन स्थिति का मिलकर करेंगे मुकाबला
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि अगर किसी भी एरिया में कोई बड़ी आगजनी की घटना होती है तो तीनों नगर निगमों के दमकल विभाग एक दूसरे की मदद करेंगे। मोहाली के मेयर ने कहा कि संगोली में कूड़े से बिजली बनाने का नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है, इसलिए मोहाली का कूड़ा चंडीगढ़ के नए प्लांट में नहीं भेजा जाएगा। जबकि उपेंद्र कौर ने कहा कि पंचकूला का कूड़ा चंडीगढ़ भेजा जाएगा, लेकिन पंचकूला अलग से कोई शुल्क अदा नहीं करेगा।
चंडीगढ़ के सीनियर और डिप्टी मेयर नहीं आए
ट्राईसिटी के मेयरों की बैठक में मोहाली के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर भी आए थे। लेकिन बैठक में चंडीगढ़ के सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और डिप्टी मेयर हरदीप सिंह नहीं आए। सूत्रों का कहना है कि उन्हें मीटिंग के एन मौके पर सूचना दी गई थी, इसलिए उन्होंने नाराजगी जताते हुए बैठक में भाग नहीं लिया।
मोहाली बना रहा पेड पार्किंग का नया फार्मूला
कुलवंत सिंह ने बताया कि मोहाली में पेड पार्किंग का नया फार्मूला बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रयास है कि पेड पार्किंग में शुरू के दो घंटे तक वाहन पार्किंग फ्री हो। इसके बाद चार्ज वसूला जाए।