सीएम, डिप्टी सीएम समेत मंत्रियों के क्षेत्र में चुनाव
मुख्यमंत्री के शहर करनाल में असंध, निंसिंग घरौंडा और तरावड़ी में चुनाव हैं। चुनाव से एक दिन पहले खुद सीएम करनाल पहुंचे थे और मोर्चा संभाला था। इसी प्रकार, उचाना नगर पालिका में चेयरमैन को जिताना डिप्टी सीएम दुष्यंत के लिए चुनौती है। पिहोवा में मंत्री संदीप सिंह, बावल में मंत्री बनवारी लाल, नारनौल में मंत्री ओपी यादव, राजौंद में मंत्री कमलेश ढांडा, रानियां में बिजली मंत्री रणजीत सिंह और टोहाना में चेयरमैन को जिताने के लिए मंत्री देवेंद्र बबली की साख दांव पर लगी है।
भाजपा-जजपा के इन विधायकों की है परीक्षा
विधायकों की बात करें तो भाजपा के 12, जजपा के चार, कांग्रेस के 14 और निर्दलीय तीन विधायकों की परीक्षा का समय है। इनमें भाजपा के घरौंडा से हरविंद्र कल्याण, जींद से कृष्ण मिड्डा, कैथल से लीला राम, रतिया लक्षण नापा, गन्नौर से निर्मल रानी, भिवानी घनश्याम सर्राफ, पलवल दीपक मंगला, होडल जगदीश नायर, फतेहाबाद दूड़ा राम, नांगल चौधरी अभय यादव, सोहना से संजय सिंह नाम शामिल हैं।
जेजेपी के नरवाना से रामनिवास सुरजाखेड़ा, चीका से ईश्वर सिंह, शाहबादा से रामकरण काला और बरवाला से जोगीराम सिहाग के लिए किला बचाना चुनौती है। इसी प्रकार, निर्दलीयों में महम से बलराज कुंडू, नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर, दादरी से सोमबीर सांगवान और इनेलो विधायक अभय सिंह को शहरी मतदाताओं पर अपनी मजबूत पकड़ दिखाना चुनौती होगी।
कांग्रेस विधायकों की भी परीक्षा
कांग्रेस के 14 विधायकों के लिए भी यह चुनाव चुनौती से कम नहीं है। 14 विधायकों के हलकों में हो रहे निकाय चुनाव में जीत के लिए सभी ने ताकत झोंकी और निर्दलीयों को खुलकर समर्थन दिया। इनमें सफीदों से सुभाष देशवाल, झज्जर गीता भुक्कल, बहादुरगढ़ राजेंद्र जून, कालका प्रदीप चौधरी, नाराणगढ़ शैली चौधरी, फिरोजपुर झिरका मामन खान, नूंह आफताब अहमद, महेंद्रगढ़ राव दान सिंह, असंध शमशेर गोगी, समालाख धर्म सिंह छोक्कर, साढौरा रेणु बाला, लाडवा मेवा सिंह, मंडी डबवाली अमित सिहाग, गोहाना जगबीर मलिक को अपने क्षेत्र में खुद को साबित करना है।