ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट के उपयोग की खबर से शहर में भी ब्रेड का कारोबार प्रभावित हुआ है। डीलर्स के अनुसार ब्रेड के कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत गिरावट आई है जबकि बाजार के दुकानदारों का कहना है कि 50 प्रतिशत की सेल कम हो गई है।
व्यापारी बच्चों की स्कूल छुट्टियां भी इसका कारण बता रहे हैं। मालूम हो कि अधिकतर बच्चे स्कूल में प्रतिदिन ब्रेड से बने खाद्य पदार्थ लेकर जाते हैं। ब्रेड से सैंडविच और बर्गर बनाने वालों की सेल में भी 20 से 30 प्रतिशत का असर पड़ा है। शहर में अधिकतर बान ब्रेड की सेल है इसके अलावा परफेक्ट, हारवेस्ट गोल्ड, ब्रिटानिया सहित कई कंपनियों की ब्रेड बिकती है। प्रतिदिन शहर में डेढ़ से दो लाख ब्रेड के पैकेट का कारोबार होता है, ऐसे में शहर में ब्रेड की खपत की बड़ी मांग है। सेक्टर-23 के बतरा करियाना स्टोर के संचालक दीपक बतरा का कहना है कि ब्रेड की सेल आधी रह गई है। उनका कहना है कि इसका कारण गरमी भी हो सकता है।
ब्रेड पकौड़े की सेल पर भी आया असर
सेक्टर-19 के केसरी स्वीट्स के संचालक हरमेल केसरी का कहना है कि ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट की खबर से उनके कारोबार भी असर पड़ा है। ब्रेड पकौड़े की मांग पहले के मुकाबले में कम हो गई है।
अजय शर्मा, अध्यक्ष, बोन ब्रेड डीलर्स एसोसिएशन ने बताया कि शहर में अधिकतर उनकी कंपनी का ब्रेड बिकता है। लेकिन जिन कंपनियों के ब्रेड में पोटेशियम ब्रोमेट मिलाने की खबर आई थी, उसमे बोन कंपनी शामिल नहीं थी। वर्तमान में ब्रेड की सेल पर 15 से 20 प्रतिशत असर पड़ा है लेकिन इसका कारण स्कूलों और कालेज का बंद होना भी है।
नरेंद्र कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर रेडियोथेरेपी डिपार्टमेंट पीजीआई ने बताया कि पोटेशियम ब्रोमेट से कैंसर का होने का दावा करना जल्दबाजी होगा। अभी फिलहाल एक ही संस्थान की स्टडी है। इससे पहले किसी भी संस्थान की स्टडी नहीं आई है। पोटेशियम ब्रोमेट पर और काम करना होगा। आंकोलॉजी इंस्टीट्यूट को इस पर काम करने की जरूरत है। उसके बाद ही असल स्थिति सामने आएगी। पोटेशियम ब्रोमेट खाने-पीने की कई चीजों में इस्तेमाल होता है।