पद्मश्री पंजाबी लेखिका डॉ. दिलीप कौर टिवाना (84) की तबीयत ठीक नहीं हैं। उन्हें मोहाली के फेज-छह स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उनके इलाज पर आने वाला सारा खर्च अब पंजाब सरकार उठाएगी। यह एलान कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने किया। वह गुरुवार को अस्पताल में उनका हाल-चाल जानने पहुंचे थे।
मंत्री ने कहा कि डॉ. दिलीप कौर टिवाना ने पूरी दुनिया में पंजाब का नाम रोशन किया है। उनकी रचनाएं हमेशा सामाजिक सरोकार से जुड़ी रहीं। जब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके अस्पताल में भर्ती होने का पता चला तो उन्होंने ही उन्हें उनका हालचाल जानने के लिए भेजा। वहीं सरकार ही अब उनके सारे खर्च का इलाज उठाएगी। मंत्री बाजवा ने डॉ. टिवाना के पति डॉ. भूपिदंर सिंह व उनके बेटे डॉ. सिमरनजीत सिंह को उनका बढ़िया इलाज करवाने भरोसा दिया।
डॉ. टिवाना को सर्दी लगने से सांस लेने में आ रही है दिक्कत
डॉ. टिवाना को सर्दी लगने के कारण उनके फेफड़ों में दर्द हो गया था। इसके बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है। इस कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। इससे पहले विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर वीर दविंदर सिंह भी उनका हालचाल जाने के लिए पहुंचे हुए थे। यही नहीं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सीएमओ मोहाली को उक्त अस्पताल में भेजा था। साथ ही कहा था कि डॉक्टरों को हिदायत दें कि उनके इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
2015 में लौटा दिया था पद्मश्री अवार्ड
2015 में पंजाबी लेखिका दिलीप कौर टिवाना ने 1984 के सिख दंगे और मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के विरोध में पद्मश्री सम्मान लौटा दिया। केंद्र सरकार को लिखे पत्र में टिवाना ने कहा था कि गौतम बुद्ध और श्री गुरु नानक देव जी की धरती पर सिखों व मुसलमानों के विरुद्ध अत्याचार हमारे समाज के लिए अपमानजनक है।