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9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रोक हटाई

Fri, 21 Apr 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हरियाणा शिक्षा विभाग में चयन के बाद भी नियुक्ति का 33 माह से इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से राहत की खबर आई। डिवीजन बेंच ने 9455 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने का आदेश जारी कर इन शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है। हालांकि इस नियुक्ति को चुनौती देने वाले 54 याचिकाकर्ताओं के लिए सरकार को पद रिक्त रखने होंगे।
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हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित डिवीजन बेंच ने वीरवार को भर्ती के खिलाफ अपील पर सुनवाई शुरू की। इस दौरान याची और सरकार सहित चयनित शिक्षकों का पक्ष सुनने के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगी रोक को हटाने का आदेश दिया। मामले में सुनवाई जारी रहेगी और यचिका पर आने वाले फैसले से याचिकाकर्ता प्रभावित न हों, इसके लिए याची के लिए पद रिक्त रखने के आदेश जारी किए हैं। 

हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र पर लगी रोक को हटाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार केवल उतने ही पदों पर नियुक्ति दे, जितने पद विज्ञापन में जारी किए गए थे। यानी कुल 9455 पदों में से 54 पद याचिकाकर्ता के लिए छोड़ कर 9401 पदों पर मेरिट के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। 
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जेबीटी शिक्षकों को राहत
हाईकोर्ट ने सुनवाई 24 मई तक स्थगित करते हुए कहा यह नियुक्तियां इस याचिका पर कोर्ट द्वारा दिए गए अंतिम निर्णय पर निर्भर होंगी। नरेश कुमार बनाम हरियाणा सरकार मामले में नियुक्तियों पर लगी रोक के कारण चयन के बावजूद भी यह शिक्षक पिछले 33 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। पहले यह मामला एकल बेंच में लटका हुआ था और सुनवाई के लंबे दौर के बाद बेंच ने नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए 

इन सभी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दाखिल कर दी गई और बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी, इस कारण 9455 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी होने के रास्ते बंद हो गए थे। इसके बाद प्रभावित टीचरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट द्वारा लगी रोक हटाने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट को तय सीमा में इस मामले पर फैसला लेने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद अब इस मामले में हाईकोर्ट में जेबीटी शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए नियुक्ति की प्रक्रिया का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही इस बीच हरियाणा के स्कूलों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा और इन स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरा जा सकेगा।
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ये है जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला

जेबीटी अध्यापकों का प्रदर्शन - फोटो : file photo
बता दें की हुड्डा सरकार ने वर्ष 2014 में इन जेबीटी शिक्षकों का चयन किया था। इस बीच एक एमए पास आवेदक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि चयन प्रक्रिया के दौरान शैक्षणिक योग्यता के दो अंक अधिक मिलने थे। शैक्षणिक योग्यता में इनका लाभ दे दिया गया, लेकिन इंटरव्यू में हासिल अंकों में से उसके दो अंक काट लिए गए। ऐसे में वह चयन से वंचित रह गया। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

सरकार ने अपने जवाब में कहा कि इस भर्ती से संबंधित पूरा डाटा कंप्यूटर में है। इस पर हाईकोर्ट ने भर्ती के दौरान आवेदकों की इंटरव्यू का वह रिकार्ड मांगा, जिसमें चयन कमेटी के सदस्यों ने अभ्यर्थियों को अंक दिए थे। इस पर सरकार ने कहा की पूरा डाटा कंप्यूटर में अपलोड कर दिया गया था और इसके बाद यह दस्तावेजी रिकार्ड नष्ट कर दिया गया था।

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा रिकार्ड नष्ट नहीं किया जा सकता। इसके बाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी थी। बाद में हाईकोर्ट ने इस रिकार्ड की सीएफएसएल से जांच करवाई जिसमें हाईकोर्ट ने माना की इस भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।

विभाग ज्वाइनिंग के लिए तैयार 
एसीएस स्कूल शिक्षा विभाग पीके दास ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों को ज्वाइनिंग देने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार हैं। कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त मेरिट के आधार पर जिले आवंटित करेगा। अंगूठा निशान और भर्ती में कोई गड़बड़ नहीं है। 
 
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