15 साल पुराने कामर्शियल वाहनों का 31 दिसंबर तक चालान नहीं किया जाएगा। एसटीए की ओर से यह अभियान एक सितंबर से शुरू किया जाना था। वीरवार को अधिकारियों ने फैसला लिया कि अब यह अभियान 31 दिसंबर के बाद शुरू किया जाएगा।
एक जनवरी 2017 से 15 वर्ष पुराने कामर्शियल वाहनों की एंट्री चंडीगढ़ में नहीं हो पाएगी। एसटीए के एडिशनल सेक्रेटरी राजीव तिवारी ने बताया कि अभी फिलहाल इस पर रोक लगा दी गई है। एक जनवरी से यह लागू होगा।
इसलिए नहीं चलेंगे पुराने डीजल वाहन
पुराने डीजल कामर्शियल वाहनों से चंडीगढ़ में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी पुराने डीजल वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई जा रही है। इसी साल जनवरी में यूटी प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी डीजल ऑटो पर पाबंदी लगा दी थी। इस दौरान प्रदूषण स्तर में काफी गिरावट आई थी। अगर कामर्शियल वाहन को बंद किया जाएगा तो शहर में 10 हजार से अधिक कामर्शियल वाहन नहीं चलेंगे। चंडीगढ़ से रजिस्टर्ड कामर्शियल वाहनों की संख्या कम है। करीब 5400 ऑटो रिक्शा, 800 स्कूल बसें, 200 ऑल इंडिया टूरिस्ट बसें और करीब 2500 गुड्स व्हीकल्स चंडीगढ़ से रजिस्टर्ड हैं।